इतिहास में चार जुलाई का दिन विज्ञान क्षेत्र के लिए खास है. साल 2012 में इसी दिन वैज्ञानिकों ने ‘हिग्स बोसॉन’ कण का पता लगाने में मिली सफलता का एलान किया था. चार जुलाई, 2012 को जिनेवा स्थित यूरोपियन ऑर्गेनाइजेशन फॉर न्यूक्लियर रिसर्च के वैज्ञानिकों ने दावा किया कि उन्होंने ‘गॉड पार्टिकल’ यानी ‘हिग्स बोसॉन’ कण के बेहद ठोस संकेत हासिल कर लिए हैं. तब यह कहा गया था कि इस खोज ने अंतरिक्ष विज्ञान के लिए नए दरवाजे खोल दिए हैं, जिनसे ब्रह्मांड के बनने की कहानी और इसके नए राज खोजने में मदद मिलेगी.

इसके अलावा चार जुलाई का दिन स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि के रूप में दर्ज है. देश-विदेश में भारतीय ज्ञान व संस्कृति का परचम लहराने वाले स्वामी विवेकानंद का 1902 में आज ही के दिन निधन हुआ था. उन्होंने भारतीय दर्शन और चिंतन की समृद्ध परंपरा को विश्व स्तर पर रेखांकित करके उसे सम्मान दिलाया.

देश-दुनिया के इतिहास में चार जुलाई की तारीख में दर्ज कुछ और घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:

1776 : अमेरिकी कांग्रेस ने ब्रिटेन से स्वतंत्रता से घोषणा की.

1810 : फ्रांसीसी सेनाओं ने एम्सटर्डम पर कब्जा किया.

1827 : न्यूयॉर्क में गुलामी प्रथा खत्म करने की घोषणा हुई.

1897 : आंध प्रदेश के महान स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू का जन्म.

1898 : भारत के प्रधानमंत्री पद पर दो बार अस्थाई रूप से रहे राजनीतिज्ञ गुलजारी लाल नंदा का सियालकोट में जन्म.

1946 : फिलिपींस को अमेरिका से स्वतंत्रता मिली.

1963 : तिरंगे का डिजाइन बनाने वाले स्‍वतंत्रता सेनानी पिंगली वेंकैया का निधन.

1997 : नासा का पाथफाइंडर स्पेस प्रोब मंगल की सतह पर उतरा.