प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संसद में पेश आर्थिक सर्वे को पांच ट्रिलियन डॉलर (पांच हजार अरब डॉलर) की अर्थव्यवस्था हासिल करने की रूपरेखा बताया है. उन्होंने यह बात एक ट्वीट के जरिये कही. इसी ट्वीट से उन्होंने यह भी कहा, ‘यह आर्थिक सर्वे सामाजिक क्षेत्र के विकास और तकनीक के इस्तेमाल से हासिल वृद्धि और ऊर्जा सुरक्षा को भी दर्शाता है.’

इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज राज्यसभा में वित्त वर्ष 2019-20 का यह सर्वे पेश किया था. इसमें वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर सात प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है. इसके साथ आर्थिक सर्वे में यह भी कहा गया है कि भारत को 2025 तक पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए हर साल आठ फीसदी जीडीपी वृद्धि दर हासिल करनी होगी.

वहीं इस सर्वे के आधार पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि ऐसा लगाता है कि अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार ‘निराशावादी’ है. उन्होंने यह बात एक बयान जारी करके कही. इस बयान से उन्होंने यह भी कहा है, ‘केंद्र की नव निर्वाचित सरकार के पहले आर्थिक सर्वे में सेक्टरों का वर्गीकरण करके वृ​द्धि का कोई खाका तैयार नहीं किया गया है. इसके पहले हिस्से में सरकार ने सिर्फ अपना बखान किया है. वहीं दूसरे भाग में बहुत सादे ढंग से अर्थव्यवस्था के सात फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान जता दिया गया है.’