महाराष्ट्र के मुंबई में एक इंजीनियर पर कीचड़ फेंकने के मामले में पुलिस ने कांग्रेस के विधायक नितेश राणे ​सहित उनके दो समर्थकों को गिरफ्तार किया है. उन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. अब इस मामले में उन्हें इसी शुक्रवार को स्थानीय अदालत के सामने पेश किया जाएगा.

खबरों के मुताबिक यह पूरा मामला मुंबई-गोवा हाइवे के पास कांकावली इलाके का है. बीते दिनों कुछ लोगों ने नितेश राणे से इस हाइवे पर गड्ढों की वजह से दुर्घटनाएं होने और यात्रा में दिक्कत आने की शिकायत की थी. इसी को लेकर वे संबंधित इंजीनियर प्रकाश शेडकर के पास पहुंचे थे. तब राणे ने प्रकाश शेडकर से कहा, ‘लोगों को गड्ढों की वजह से हर रोज परेशानी उठानी पड़ रही है. अब तुम्हें भी इसका अनुभव करना चाहिए.’ इसी दौरान कांग्रेस विधायक के समर्थकों ने शेडकर पर कीचड़ फेंक दिया और उसके बाद उन्हें पुल पर रस्सी से बांध दिया था. समाचार एजेंसी एएनआई ने इस घटना का एक वीडियो भी जारी किया है.

इधर, नितेश राणे के पिता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने इस घटना को गलत बताया है. साथ ही कहा है कि हाइवे की दिक्कतों को लेकर प्रदर्शन करना ठीक है. लेकिन नितेश राणे और उनके समर्थकों द्वारा सरकारी कर्मचारी के साथ किया गया ऐसा बर्ताव सही नहीं. नारायण राणे ने आगे कहा, ‘मैं इसका समर्थन नहीं करता.’

नितेश राणे की तरफ से किसी सरकारी कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार करने का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले साल 2017 में एक बैठक के दौरान आपा खोते हुए उन्होंने एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी पर मछली फेंक दी थी. उस वक्त भी नारायण राणे ने उस घटना को गलत बताया था. साथ ही उसके लिए माफी भी मांगी थी. तब उनसे सवाल किया गया था कि क्या वे अपने बेटे को इस घटना के लिए माफी मांगने को कहेंगे? तो जवाब में उन्होंने कहा था, ‘जब बिना किसी गलती के मैंने माफी मागी है तो नितेश राणे को भी ऐसा करना चाहिए.’