‘आर्थिक सर्वे पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने की रूपरेखा है.’  

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात आर्थिक सर्वे को लेकर एक ट्वीट के जरिये कही. इसी ट्वीट से उन्होंने यह भी कहा, ‘यह आर्थिक सर्वे सामाजिक क्षेत्र के विकास और तकनीक के इस्तेमाल से हासिल वृद्धि और ऊर्जा सुरक्षा को भी दर्शाता है.’ इससे पहले गुरुवार को ही केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में वित्त वर्ष 2019-20 का आर्थिक सर्वे पेश किया था. इस सर्वे में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के सात प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है.

‘आर्थिक सर्वे में सरकार की निराशा दिखाई देती है.’  

— पी चिदंबरम, पूर्व वित्त मंत्री

पी चिदंबरम ने यह बात एक बयान जारी करके कही. इसी बयान से उन्होंने यह भी कहा, ‘केंद्र की नव निर्वाचित सरकार के पहले आर्थिक सर्वे में सेक्टरों का वर्गीकरण करके वृद्धि का कोई खाका तैयार नहीं किया गया है. साथ ही इसके पहले हिस्से में सरकार ने सिर्फ अपना बखान किया है जबकि दूसरे भाग में बहुत सादा ढंग से अर्थव्यवस्था के सात फीसदी की दर से आगे बढ़ने का अनुमान जता दिया गया है.’ इसके साथ ही पी चिदंबरम का यह भी कहना था कि इससे लगता है कि अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार आशावादी नहीं है.


‘राहुल गांधी रणछोड़ और कायर हैं.’  

— सुब्रमण्यम स्वामी, राज्यसभा सांसद

सुब्रमण्यम स्वामी ने यह बात राहुल गांधी के इस्तीफे को लेकर पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘राहुल गांधी कहते हैं कि उन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है लेकिन इस्तीफा तो वे लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद ही दे चुके थे. उन्हें कहना चाहिए कि सीडब्ल्यूसी ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है. वहीं कांग्रेस का कोई नेता यह बात कहने की हिम्मत नहीं कर पा रहा.’ इसके साथ ही सुब्रमण्यम स्वामी ने यह भी कहा, ‘मैं समझता हूं कि राहुल गांधी को अध्यक्ष पद पर बने रहकर अपनी लड़ाई लड़नी चाहिए थी.’


‘इस्तीफे के बाद मुझ पर आक्रमण हो रहा है और मैं इसका मजा ले रहा हूं.’  

— राहुल गांधी, कांग्रेस के नेता

राहुल गांधी ने यह बात मुंबई में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘मैं विचारधारा की लड़ाई लड़ रहा हूं. गरीबों, किसानों, मजदूरों के लिए लड़ी जा रही मेरी यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.’ इसी मौके पर जब उनसे पूछा गया कि अब उनकी लड़ाई किस तरह आगे बढ़ेगी? तो इसके जवाब में राहुल गांधी का कहना था, ‘मैं जैसे पिछले पांच सालों में लड़ा, अब उससे दस गुना ज्यादा ताकत से लड़ूंगा.’


‘विराट कोहली रन मशीन हैं, लेकिन सचिन तेंदुलकर मेरी सर्वकालिक पसंद रहेंगे.’  

— ब्रायन लारा, वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज

ब्रायन लारा ने यह बात एक कार्यक्रम के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘विराट कोहली मौजूदा समय में क्रिकेट के सभी प्रारूपों के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं. हर कोई उन्हें बल्लेबाजी करते हुए देखना चाहता है. लेकिन जहां तक सचिन तेंदुलकर की बात है तो वे अतुलनीय हैं.’ ब्रायन लारा ने आगे कहा, ‘सचिन तेंदुलकर ने घरेलू मैदानों के अलावा विदेशी पिचों पर भी रन बनाए. वह भी ऐसे समय पर, जब माना जाता था कि भारतीय बल्लेबाज विदेशी जमीन पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते. मुझे लगता है कि आज के बल्लेबाजों ने विदेश में खेलने का तरीका सचिन से सीखा है.’