वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस समय संसद में बजट पेश कर रही हैं. यह उनका और मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का भी पहला बजट है. अपने बजट भाषण की शुरुआत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भारत के लिए अगले कुछ सालों में 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना मुमकिन है. निर्मला सीतारमण के मुताबिक इसी साल देश 30 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा. इसी दौरान एक शेर पढ़ते हुए उनका कहना था, ‘यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है, हवा की ओट लेकर भी चिराग जलता है.’

निर्मला सीतारमण ने कहा कि मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गर्वनेंस उनकी सरकार का सिद्धांत है. उनका यह भी कहना था कि सरकार का जोर रीफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म पर है. वित्त मंत्री ने बुनियादी ढांचे में भारी निवेश की जरूरत पर जोर दिया. इस दौरान उन्होंने सरकार की उपलब्धियों के रूप में भारतमाला और सागरमाला जैसी योजनाओं का भी जिक्र किया. निर्मला सीतारमण कहा कि भारतमाला से देश में सड़कों का जाल बिछा है तो सागरमाला ने बंदरगाहों के इर्द-गिर्द विकास को रफ्तार दी है. उन्होंने दावा किया कि उड़ान योजना ने भारत को छोटे शहरों को जोड़ा है.

वित्त मंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर सरकार का जोर का जिक्र किया. उनका कहना था कि आवागमन के इस साधन का दायरा फैलाने के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि रेलवे में आने वाले सालों में 50 लाख करोड़ रु तक के निवेश की जरूरत है और इसके लिए सरकार पीपीपी मॉडल का रास्ता अपनाएगी. निर्मला सीतारमण ने वन नेशन वन ग्रिड की बात भी कही. उनका कहना था कि इससे सभी राज्यों के लिए बिजली की पर्याप्त और निरंतर आपूर्ति का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा.

निर्मला सीतारमण ने जानकारी दी कि पिछले पांच साल में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डेढ़ करोड़ घर बने हैं. उनका कहना था कि अगले दो साल में 1.95 करोड़ नए घर बनाने की योजना है. वित्त मंत्री के मुताबिक पीएसयू की जमीनों पर सस्ती हाउसिंग योजनाएं लाई जाएंगी.