केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को संसद में वित्त वर्ष 2019-20 का बजट पेश किया. उनके बजट भाषण और बजट में दिए प्रस्तावों को लेकर सरकार सहित विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने भी अपनी-अपनी तरह से प्रतिक्रिया दी है.

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बजट पर कहा है, ‘इसमें आम लोगों की आवाज को अनसुना किया गया है. इसके अलावा अपने भाषण में वित्त मंत्री ने यह नहीं बताया कि सरकार को कितना राजस्व मिला है और उसका कुल खर्च कितना है. वित्त मंत्री ने इस पर भी कुछ नहीं बोलीं कि सरकार रक्षा पर कितना खर्च करेगी और मनरेगा जैसी योजनाओं के लिए कितनी राशि आवंटित की जाएगी. वित्त मंत्री का इन आंकड़ों का खुलासा न करना देश को धोखा देने जैसा है.’

इसके साथ ही पी चिंदबरम ने आधार के जरिये टैक्स रिटर्न दाखिल करने की व्यवस्था को ‘मजाकिया’ बताया. सवालिया लहजे में उन्होंने कहा, ‘बीते दिनों आधार को टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए अनिवार्य किया गया था. तब भी कहा गया था कि पैन कार्ड की मौजूदगी में भला आधार कार्ड की क्या जरूरत है. मैं अब तक नहीं समझ पा रहा हूं कि अगर आधार के जरिये ही टैक्स रिटर्न दाखिल करने की व्यवस्था की जानी थी तो आधार और पैन को आपस में लिंक करवाने की क्या जरूरत थी.’

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि इस बजट में कुछ भी नया नहीं है. भाजपा ने इसमें सिर्फ अपने पुराने वादों को दोहराया है. चौधरी ने आगे कहा कि यह बजट ‘पुरानी बोतल में नई शराब’ की कहावत जैसा है. वहीं कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी बजट पर प्रतिक्रिया दी. एक ट्वीट में कांग्रेस लिखा कि सरकार मान चुकी है कि बीते 45 सालों में देश में बेरोजगारी उच्चतम स्तर पर है. ऐसे में बजट में उसे रोजगार सृजन पर ध्यान देना चाहिए था. वहीं टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने इस बजट को ‘दिखावा और सपना’ करार दिया. साथ ही कहा इसमें मध्य और उच्च वर्ग के लिए कुछ भी नहीं है.

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने एक ट्वीट से बजट को निजी सेक्टर को बढ़ावा देकर पूंजीपतियों की मदद करने वाला बताया. उन्होंने कहा, ‘इससे दलितों और पिछड़ों के आरक्षण की ही नहीं बल्कि महंगाई, गरीबी, बेरोजगारीके साथ-साथ किसान व ग्रामीण समस्या और भी जटिल होगी. देश में पूंजी का विकास भी इससे संभव नहीं है.’ एक अन्य ट्वीट से उन्होंने यह भी कहा, ‘भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा बजट को हर मामले में व हर स्तर पर लुभावना बनाने की पूरी कोशिश की गई है. लेकिन देखना है कि इनका यह बजट जमीनी हकीकत पर देश की आम जनता के लिए कितना लाभदायक सिद्ध होता है.’

इधर, भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व रक्षा मंत्री सुषमा स्वराज ने एक ट्वीट के जरिये इस बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और निर्मला सीतारमण को बधाई दी. साथ ही कहा, ‘आज संसद में पेश किया गया बजट भारत के अभूतपूर्व विकास विशेष तौर पर महिलाओं के उत्थान और युवाओं को स्वरोजगार प्रदान करने की दिशा में बहुत उपयोगी साबित होगा.’ वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट को ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में मजबूत कदम बताया है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बजट को दूरदर्शी बताते हुए कहा, ‘यह भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए प्रधानमंत्री के सपने की घोषणा है.’ वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस बजट में अमीर-गरीब सहित हर वर्ग का ध्यान रखा गया है. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ‘भाजपा सरकार ने पिछले पांच वर्षों के दौरान अर्थव्यवस्था को दोगुना कर दिया है. मुझे विश्वास है कि भाजपा की मौजूदा सरकार जब फिर से पांच साल पूरे करेगी तो देश पांच ट्रिलियन डॉलर से अधिक की अर्थव्यवस्था बन चुका होगा.’