पंजाब की दो युवतियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अपने खून से पत्र लिख कर मदद मांगी है. इसमें उन्होंने बताया कि उन्हें ‘झूठे मामलों’ में फंसाया गया है. दोनों युवतियों ने पत्र में यह मांग भी की कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिलता तो उन्हें और उनके परिवार को इच्छामृत्यु की इजाजत दी जाए.

न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में पंजाब के मोगा की रहने वाली निशा और अमन जोत कौर ने कहा, ‘हमारे खिलाफ कबूतरबाजी और धोखाधड़ी के झूठे आरोप लगा कर दो केस दर्ज किए गए हैं. हम काफी समय से पुलिस से कह रहे हैं कि वह इस मामले की जांच करे, लेकिन वे हमारी नहीं सुनती. हमें फंसाया गया है.’

इस बीच, मोगा के डीएसपी कुलजिंदर सिंह ने दोनों लड़कियों के आरोपों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि दोनों के खिलाफ मामले दर्ज हैं जिनकी जांच चल रही है. कुलजिंदर सिंह के मुताबिक दोनों लड़कियां उनके पास आई थीं. उन्होंने अधिकारी को बताया कि वे वित्तीय लेनदेन का काम करती हैं. डीएसपी के मुताबिक ‘दोनों को सुरक्षा से जुड़े किसी काम के लिए चेक मिला था. वहीं, एक अन्य पार्टी ने केस दायर कर लड़कियों को एजेंट बताया है जिन्होंने पैसे के बदले उनके बेटों के विदेश भेजा था.’

वहीं, राष्ट्रपति को लिखे पत्र को लेकर डीएसपी ने कहा, ‘मैंने सुना है कि उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र लिखा है. लेकिन इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी मुझे नहीं मिली है. हम जल्दी ही केस सुलझा लेंगे. इसमें इतना समय इसलिए लगा क्योंकि शिकायतकर्ता हमारी मदद नहीं कर रहे, जबकि हमने उन्हें समन भी जारी किया था.’