इस विश्व कप में भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ केवल एक मैच में शिकस्त का सामना किया है और इसके बाद से उसकी जीत की लय जारी है. इसके बावजूद सेमीफाइनल और फाइनल को लेकर कप्तान विराट कोहली और टीम प्रबंधन चिंताएं बरकरार हैं. भारतीय टीम अभी भी तमाम ऐसे सवालों से जूझ रही है जिनके जवाब पिछले आठ लीग मैचों में उसे नहीं मिल सके.

इनमें सबसे बड़ा सवाल भारतीय मध्यक्रम की बल्लेबाजी और टीम संयोजन का है. सवाल यह कि ऐसा क्या किया जाए जिससे आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाए जा सकें. यहीं से सवाल उठता है कि क्या महेंद्र सिंह धोनी को फिर चौथे नंबर पर भेजा जाए और निचले क्रम पर कौन सबसे तेज बल्लेबाजी कर सकता है.

इस विश्व कप की शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाजी ऊपरी क्रम की सफलता पर निर्भर रही है. रोहित शर्मा, केएल राहुल और विराट कोहली अगर नहीं चले तो भारतीय टीम 250 के आसपास ही पहुंचती दिखती है. उप कप्तान रोहित शर्मा चार शतकों की मदद से 544 रन के साथ सबसे सफल बल्लेबाज रहे हैं. कप्तान कोहली ने पांच अर्धशतक की मदद से 400 से ज्यादा रन बनाए हैं. इसी तरह अगर भारतीय मध्यक्रम के बल्लेबाजों का प्रदर्शन देखें तो महेंद्र सिंह धोनी ने सात पारियों में 223 रन, केदार जाधव ने पांच पारियों में 80 रन, हार्दिक पांड्या सात में 187 रन और ऋषभ पंत दो मैचों में 80 रन बनाये हैं. पिछले मैच में दिनेश कार्तिक को मौका दिया गया था जो महज आठ रन बना सके.

भारतीय टीम प्रबंधन की सबसे बड़ी दिक्कत चौथे क्रम की है, पहले केएल राहुल फिर विजय शंकर और उसके बाद धोनी और केदार जाधव को भी इस क्रम पर मौका दिया गया, लेकिन इनमें से कोई भी बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सका. पिछले दो मैचों में इस क्रम पर ऋषभ पंत को मौका दिया गया, लेकिन अच्छी लय में दिखने के बाद भी वे अपनी पारी को लंबा नहीं खींच सके. टीम प्रबंधन की एक दिक्क्त मध्यक्रम में हार्दिक पांड्या को लेकर भी है. वे भी इस समय बेहतरीन लय में बल्लेबाजी कर रहे हैं, लेकिन अपनी पारी को लंबा नहीं खींच पा रहे हैं.

विराट कोहली की टीम शनिवार को श्रीलंका के खिलाफ होने वाले विश्व कप के अंतिम ग्रुप मैच में उम्मीद करेगी कि महेंद्र सिंह धोनी सेमीफाइनल से पहले फार्म हासिल कर लें. धोनी की अंतिम ओवरों की धीमी बल्लेबाजी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. ऐसे में उन्हें चौथे क्रम पर फिर भेजा जा सकता है. हालांकि विराट कोहली ने अभी तक धोनी को पांचवें नंबर के अलावा ऊपरी क्रम में भेजने की ओर संकेत नहीं दिया है. लेकिन जानकारों के मुताबिक अगर वे महेंद्र सिंह धोनी को चौथे क्रम पर भेजते हैं तो यह एक चतुराई भरी योजना हो सकती है. क्योंकि ऋषभ पंत और हार्दिक पंड्या जैसे ‘पावर हिटर्स’ निचले क्रम पर आकर अपना नैसर्गिक खेल खेलने की क्षमता रखते हैं.

व्यक्तिगत तौर पर भी महेंद्र सिंह धोनी के लिए खुद को चौथे नंबर पर परखने के लिए श्रीलंका से बेहतर प्रतिद्वंद्वी नहीं होगा. इस विश्व कप में स्पिनर धोनी की एक बड़ी कमजोरी साबित हुए हैं. अभी तक हुए मैचों में वे स्पिनरों के खिलाफ 81 गेंदों में केवल 47 रन ही बना पाये हैं. अगर वे चौथे क्रम पर आते हैं तो उन्हें बेहतरीन फॉर्म में दिख रहे श्रीलंकाई स्पिनर धनजंय डिसिल्वा और मिलिंडा सिरीवर्धने की ज्यादा गेंदें खेलनी पड़ेंगी और अगर पूर्व कप्तान इन पर रन जुटा लेते हैं तो इससे सेमीफाइनल से पहले उनके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी ही होगी.

सेमीफाइनल से पहले बेहतर संयोजन की खोज में विराट कोहली कुछ अन्य खिलाड़ियों को भी आजमा सकते हैं और टूर्नामेंट में पहली बार रविंद्र जडेजा को मौका दे सकते हैं. अभी टीम से जुड़े मयंक अग्रवाल को छोड़कर जडेजा एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें विश्व कप में एक भी मैच खेलने को नहीं मिला है. पिछले दो मैचों में कुछ ख़ास नहीं कर सके युजवेंद्र चहल की जगह कुलदीप यादव को खिलाया जा सकता है. आज के मैच में दिनेश कार्तिक का खेलना लगभग तय है क्योंकि एक तो वे खुद सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए तैयार हैं और दूसरा वे बांग्लादेश के खिलाफ अंतिम ओवरों में बल्लेबाजी करने आये थे और उन्हें ज्यादा गेंदें खेलने को नहीं मिली थीं.

अंक तालिका में पहले नंबर पर पहुंचने की रेस

विश्व कप में आज जहां भारत का अंतिम लीग मुकाबला श्रीलंका से है तो वहीं आज ही ऑस्ट्रेलिया को भी अपना आखिरी लीग मैच दक्षिण अफ्रीका से खेलना है. भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं. लेकिन फिर भी दोनों के लिए ही आज के मैच काफी ज्यादा महत्वपूर्ण हैं. दोनों ही टीमें अपने ये मैच जीतकर अंकतालिका में पहले नंबर पर पहुंचने का प्रयास करेंगी. दरअसल, पहले नंबर पर रहने वाली टीम का सेमीफाइनल में मुकाबला चौथे नंबर की टीम न्यूजीलैंड से होगा और दूसरे नंबर की टीम का मुकाबला ताकतवर इंग्लैंड से.

अभी ऑस्ट्रेलिया 14 अंकों के साथ पहले और भारत 13 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है. अगर भारत आज का मैच जीत जाता है और दक्षिण अफ्रीका ऑस्ट्रेलिया को हरा देता है तो भारतीय टीम 15 अंकों के साथ अंकतालिका में पहले नंबर पर पहुंच जायेगी. ऐसे में उसे सेमीफाइनल में इंग्लैंड के बनिस्बत कम मजबूत न्यूजीलैंड से भिड़ना होगा. उधर, ऑस्ट्रेलिया भी सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से भिड़ने के लिए आज के मैच को जीतने में अपना पूरा दम लगाएगा.