भारतीय रक्षा पंक्ति के अग्रिम एयर बेस में से एक अंबाला में कबूतरों की बढ़ती संख्या वायु सेना के लिए परेशानी का सबब बन रही है. खबरों के मुताबिक एयर बेस के ईर्द-गिर्द कबूतरों की मौजूदगी से लड़ाकू विमानों के उड़ान भरते और उतरते वक्त दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. ऐसे में इससे निजात पाने के लिए वायु सेना ने स्थानीय प्रशासन से इसकी शिकायत की है. वायु सेना का कहना है कि अंबाला एयर बेस के नजदीक ही रिहाइशी इलाका है जहां स्थानीय लोग कबूतरों को दाना चुगाते हैं. लोगों के दाना चुगाने की वजह से यहां कबूतरों की संख्या में इजाफा भी हो रहा है.

दिलचस्प बात यह है कि इस एयर बेस के ईर्द-गिर्द मौजूद कबूतर लड़ाकू विमानों से निकलने वाली तेज आवाज से भी नहीं घबराते. तिस पर वायु सेना की परेशानी यह भी है कि निकट भविष्य में यहां रफाल लड़ाकू विमानों की भी तैनाती की जानी है. ऐसे में वायु सेना किसी हाल में नहीं चाहती कि कबूतरों की वजह से रफाल सहित उसके किसी विमान की सुरक्षा को लेकर कोई खतरा पैदा हो.

इधर, बीते हफ्ते कबूतरों की वजह से अंबाला एयर बेस पर वायु सेना का एक जैगुआर लड़ाकू विमान दुर्घटना का शिकार होते-होते बचा था. तब उस विमान ने प्रशिक्षण के उद्देश्य से उड़ान भरी थी. उसी दौरान उसके इंजन में एक कबूतर जा फंसा था. उस वक्त वह लड़ाकू विमान अंबाला के रिहाइशी इलाके के ऊपर उड़ान भर रहा था. तब उसके पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए पहले विमान के ईंधन का टैंक नीचे गिराया था. इसके बाद उसने प्रशिक्षण उद्देश्य से विमान में रखे एक बम को भी गिरा दिया था. इस वजह से किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था. और इसके बाद पायलट ने विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराते हुए एक बड़ा हादसा टाल दिया था.