भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सदानंद गौड़ा ने कहा है कि उनकी पार्टी कर्नाटक में अपनी सरकार बनाने के लिए तैयार है. उनका यह बयान राज्य में कांग्रेस और जनता दल सेक्यूलर (जेडीएस) के 11 विधायकों के इस्तीफे के मद्देनजर आया है. खबरों के मुताबिक इन विधायकों के इस्तीफे से एचडी कुमारस्वामी की अगुवाई वाली कर्नाटक सरकार के अल्पमत में आने की संभावना बढ़ गई है.

वहीं सदानंद गौड़ा ने यह भी कहा है, ‘प्रदेश में राज्यपाल सबसे बड़ा आधिकारिक पद है. अगर संवैधानिक जनादेश के आधार पर राज्यपाल हमें बुलाते हैं तो भाजपा राज्य में सरकार बनाने के लिए तैयार है.’ भाजपा राज्य की सबसे बड़ी पार्टी है और कर्नाटक में इसके 105 विधायक हैं. सदानंद गौड़ा ने आगे कहा, ‘अगर कर्नाटक में भाजपा की सरकार बनती है तो बीएस येद्दियुरप्पा मुख्यमंत्री होंगे.’

इधर, कर्नाटक विधानसभा के सभापति रमेश कुमार ने कहा है कि उन्हें 11 विधायकों के इस्तीफे की खबर मिली है. लेकिन वे छुट्टी पर हैं और कल रविवार है. ऐसे में वे इस मामले को सोमवार को देखेंगे और उसके बाद ही इस पर कुछ कह पाएंगे.

इस बीच इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है, ‘मोदी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) देश में खरीद-फरोख्त की राजनीति के प्रतीक के रूप में उभरे हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘यह अत्यंत निराशाजनक है कि पैसे और पद के प्रलोभन के जरिये भाजपा एक चुनी हुई सरकार को गिराने की कोशिश कर रही है.’ इसके साथ ही उन्होंने इसे लोकतंत्र को कलंकित करने के समान भी बताया है.

अगर इन विधायकों के इस्तीफे मंजूर हो जाते हैं तो विधानसभा में पक्ष-विपक्ष के आंकड़े क्या होंगे

224 सीटों वाली कर्नाटक विधानसभा में बहुमत के लिए 113 विधायकों की आवश्यकता होती है. कांग्रेस के एक विधायक आनंद सिंह ने एक जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दिया था. अगर उनके साथ 11 और विधायकों का इस्तीफा मंजूर हो जाता है कि सदन में सदस्यों की कुल संख्या घटकर 212 रह जाएगी और इसके साथ ही बहुमत का आंकड़ा भी 107 हो जाएगा. लेकिन इसके बाद भी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के पास बहुजन समाज पार्टी के एक और दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन की बदौलत विधायकों की संख्या बहुमत के आंकड़े से दो ज्यादा होगी.