‘पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य पर सवाल उठाने वाले पेशेवर निराशावादी हैं.’  

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं के साथ बात करते हुए कही. इस मौके पर अंग्रेजी की एक कहावत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘केक जितना बड़ा होगा, लोगों को उतना ही बड़ा हिस्सा खाने को मिलेगा. इसीलिए हमारा लक्ष्य पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का है.’ इसके साथ ही नरेंद्र मोदी का यह भी कहना था, ‘इस लक्ष्य को जनभागीदारी के जरिये पूरा किया जाएगा.’

‘नरेंद्र मोदी भारत में हॉर्स ट्रेडिंग के नए प्रतीक के तौर पर उभरे हैं.’  

— रणदीप सिंह सुरजेवाला, कांग्रेस के प्रवक्ता

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यह बात ‘कर्नाटक संकट’ को लेकर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘यह अत्यंत निराशाजनक है कि पद-पैसे के प्रलोभन से भाजपा राज्य की चुनी हुई सरकार को गिराने की कोशिश कर रही है.’ रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इसे लोकतंत्र को कलंकित करने जैसा भी बताया और साथ ही कहा, ‘भाजपा सिर्फ कर्नाटक ही नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, असम, मणिपुर जैसे राज्यों में भी यह कोशिश कर चुकी है.’


‘जय श्रीराम का नारा कोलकाता की संस्कृति का हिस्सा नहीं है.’  

— अमर्त्य सेन, नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री

अमर्त्य सेन ने यह बात पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘मुझे लगता है कि आज इस नारे का इस्तेमाल लोगों को पीटने के बहाने के तौर पर किया जा रहा है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘समाज में जाति, धर्म और समुदाय के नाम पर पक्षपात बढ़ रहा है लेकिन हम ऐसा नहीं चाहते.’ इसके साथ ही अमर्त्य सेन का यह भी कहना था, ‘आजकल मैं कुछ लोगों को यह कहते भी सुनता हूं कि उन्हें घर से निकलने में डर लगता है. हमें ऐसी समस्याओं पर चर्चा करनी चाहिए.’


‘आतंकवाद से मुकाबले के लिए देश में राष्ट्रवाद को प्रोत्साहन देने की जरूरत है.’  

— एस जयशंकर, विदेश मंत्री

एस जयशंकर ने यह बात गुजरात के अहमदाबाद में भाजपा समर्थकों को संबोधित करते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ को बढ़ाए जाने का समर्थन भी किया. साथ ही कहा, ‘भारत का इतिहास देखें तो हमारा आंतरिक विवाद हमारी कमजोरी रहा है​ जिसका दूसरों को फायदा पहुंचा है. इससे निपटने के लिए हमें नेतृत्व की जरूरत थी और पिछले कुछ साल के दौरान इसमें निरंतरता दिखी है.’


‘कांग्रेस को युवा नेतृत्व की जरूरत है.’  

— अमरिंदर सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री

अमरिंदर सिंह ने यह बात राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद से दिए इस्तीफे को लेकर कही. इसके साथ ही राहुल गांधी के इस्तीफे को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया. साथ ही कहा, ‘लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार की जिम्मेदारी अकेले राहुल गांधी के कंधों पर नहीं डाली सकती.’ अमरिंदर सिंह का यह भी कहना था, ‘कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) को पार्टी के लिए ऐसा नेतृत्व चुनना चाहिए जो अपने हुनर, कौशल और जज्बे से इस पार्टी में जान डाल दे. साथ ही नेता ऐसा हो जो जमीनी स्तर पर काम करके जनता के बीच लोकप्रिय बने.’