कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव गुलाम नबी आजाद ने कर्नाटक के राजनीतिक संकट को लेकर भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया है. सत्तारूढ़ जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के एक दर्जन से अधिक विधायकों के इस्तीफे के बाद रविवार को उन्होंने कहा कि कर्नाटक में उनकी सरकार गिराने के लिए भाजपा कई विधायकों को मुंबई ले गई है.

पीटीआई की खबर के मुताबिक कर्नाटक में पैदा हुए राजनीतिक संकट के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में गुलाम नबी आजाद ने बताया, ‘प्रधानमंत्री जी (नरेंद्र मोदी) कहते हैं - सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास. ये बातें टेलीविजन पर बहुत अच्छी चीजें लगती हैं. लेकिन जमीन पर नहीं हैं.’ कांग्रेस के राज्यसभा सांसद ने आगे कहा, ‘माननीय प्रधानमंत्री की मौजूदगी में मैंने कहा था कि आपने (भाजपा) हमारी सरकार हिमाचल प्रदेश में तोड़ दी. मणिपुर एवं गोवा में हमारे विधायकों को (सदन में) वोट नहीं देने दिया. बंगाल के विधायक ले जा रहे हो, आंध्रप्रदेश के विधायक ले जा रहे हो, गुजरात के विधायक ले जा रहे हो और अब आप कर्नाटक के विधायक ले जा रहे हो.’

इसके बाद गुलाम नबी आजाद ने सवालिया लहजे में कहा, ‘इन सबका विश्वास कहां चला गया? और कहां है लोकतंत्र? लोकतंत्र पर तो हमारा विश्वास होता है, भरोसा होता है. पार्टी के चुनाव चिह्न के आधार पर जनता अपना प्रतिनिधि चुनकर देती है और अगर उसमें कोई भी बाहुबली ताकत वाला इस तरह से करे, तो क्या होगा.’

कांग्रेस-जेडीएस सरकार उस समय संकट में घिर गई जब गठबंधन के 13 विधायकों ने त्यागपत्र दे दिया. इनमें से 12 ने शनिवार को ही इस्तीफा दे दिया था. कर्नाटक की 224 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के 118 विधायक हैं. अगर इस्तीफा देने वाले विधायकों के त्यागपत्रों को स्वीकार कर लिया जाता है तो राज्य सरकार बहुमत खो सकती है.

इस बीच, खबर यह भी है कि मुंबई में डेरा डाले हुए कांग्रेस-जेडीएस के असंतुष्ट विधायकों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपना इस्तीफा वापस नहीं लेंगे. दूसरी तरफ विपक्षी दल भाजपा ने कहा है कि वह कर्नाटक के सियासी घटनाक्रमों पर नजर रख रही है. पार्टी ने संकेत दिए हैं कि वह सरकार बनाने के विकल्पों पर विचार कर रही है.