कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार को एक और झटका लगा है. सोमवार को एक निर्दलीय विधायक नागेश ने भी इस्तीफा दे दिया. इसके बाद सरकार के पाले से खिसके विधायकों की कुल संख्या 14 हो गई है. नागेश ने भारतीय जनता पार्टी को समर्थन देने की बात कही है. यह संकट बढ़ने के ही आसार हैं क्योंकि कांग्रेस के एक और विधायक रहीम महमूद खान ने इस्तीफे की धमकी दी है.

इस बीच कांग्रेस नेता और उपमुख्यमंत्री परमेश्वरा पार्टी नेताओं के साथ एक बैठक कर रहे हैं. इससे पहले मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भी जेडीएस और कांग्रेस नेताओं के साथ रविवार रात बैठक की थी. उधर, सूत्रों के हवाले से चल रही खबरों में कहा जा रहा है कि भाजपा राज्य में वैकल्पिक सरकार बनाने के लिए तैयार है.

कर्नाटक सरकार पर यह ताजा संकट तब शुरू हुआ जब शनिवार को कांग्रेस और जेडीएस के 13 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया. इनमें से कम से कम 10 विधायकों के इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष द्वारा स्वीकार किए जाने बाकी हैं. ये 10 विधायक फिलहाल मुंबई में डेरा डाले हुए हैं.

इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव गुलाम नबी आजाद ने कर्नाटक के राजनीतिक संकट को लेकर भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया. सत्तारूढ़ जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के एक दर्जन से अधिक विधायकों के इस्तीफे के बाद रविवार को उन्होंने कहा कि कर्नाटक में उनकी सरकार गिराने के लिए भाजपा कई विधायकों को मुंबई ले गई है.

कर्नाटक में पैदा हुए राजनीतिक संकट के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में गुलाम नबी आजाद ने बताया, ‘प्रधानमंत्री जी (नरेंद्र मोदी) कहते हैं - सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास. ये बातें टेलीविजन पर बहुत अच्छी चीजें लगती हैं. लेकिन जमीन पर नहीं हैं.’ कांग्रेस के राज्यसभा सांसद ने आगे कहा, ‘माननीय प्रधानमंत्री की मौजूदगी में मैंने कहा था कि आपने (भाजपा) हमारी सरकार हिमाचल प्रदेश में तोड़ दी. मणिपुर एवं गोवा में हमारे विधायकों को (सदन में) वोट नहीं देने दिया. बंगाल के विधायक ले जा रहे हो, आंध्रप्रदेश के विधायक ले जा रहे हो, गुजरात के विधायक ले जा रहे हो और अब आप कर्नाटक के विधायक ले जा रहे हो.’