जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने इस साल अमरनाथ यात्रा के लिए हुई व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि जिस तरह का इंतजाम किया गया है उससे कश्मीर घाटी में आम लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है. इस बार यात्रा के दौरान रोज दो घंटे के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर आम लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है. महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सालों से अमरनाथ यात्रा होती चली आ रही है, लेकिन दुर्भाग्य से इस साल जो इंतजाम किए गए हैं वे कश्मीर के लोगों के लिए दिक्कत की वजह बन गए हैं. उन्होंने राज्यपाल से इस मामले में दखल देने की अपील की है.

एक जुलाई को अमरनाथ यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 95,923 श्रद्धालु पवित्र शिवलिंग के दर्शन कर चुके हैं. यह यात्रा डेढ़ महीने तक चलती है. इस बार इसका समापन 15 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के साथ होगा. वैसे आज तीर्थयात्रियों के किसी भी नए जत्थे को जम्मू कैंप से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई. इसकी वजह यह है कि आज अलगाववादियों ने हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की मौत की तीसरी बरसी के मौके पर कश्मीर बंद का आह्वान किया है.

उधर, जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि अमरनाथ की यह वार्षिक तीर्थयात्रा स्थानीय मुस्लिमों के समर्थन और सहायता से संभव हो पाई है. राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रतिदिन दो घंटे नागरिक यातायात पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर उन्होंने लोगों से धैर्य रखने की अपील की. सत्यपाल मलिक ने कहा कि यह तीर्थयात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा है. असल में खुफिया एजेंसियों ने सूचना दी थी कि इस साल आतंकी अमरनाथ यात्रा को निशाना बना सकते हैं.