लोकसभा के बाद सोमवार को राज्यसभा ने भी आधार संशोधन विधेयक- 2019 पारित कर दिया है. खबरों के मुताबिक संसद के उच्च सदन में आज यह संशोधन विधेयक केंद्रीय कानून और सूचना एवं प्रोद्यौगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पेश किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि बैंकों में खाता खोलने और मोबाइल फोन का सिम कार्ड हासिल करने के लिए आधार के इस्तेमाल को स्वैच्छिक बनाया गया है. उन्होंने आगे कहा कि इस संशोधन विधेयक में नागरिकों की निजता सुरक्षित रखने और इसके दुरुपयोग को रोकने पर भी ध्यान दिया गया है. अगर किसी को आधार डाटा का गलत इस्तेमाल करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ एक करोड़ रुपये के जुर्माने और जेल की सजा का प्रावधान भी किया गया है.

इससे पहले लोकसभा में यह संशोधन विधेयक बीती 24 जून को पेश किया गया था. इसके बाद बीते हफ्ते इस विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान कांग्रेस ने इस पर विरोध जताया था. हालांकि बीते गुरुवार को ध्वनिमत के साथ लोकसभा में यह विधेयक पारित हो गया था. तब रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि देश के 123 करोड़ लोगों ने आधार को स्वीकार किया है और इसके जरिये किए गए डायरेक्ट ट्रांसफर से देश को करीब 90 हजार करोड़ रुपये का लाभ भी पहुंचा है. इसके साथ ही उनका यह भी कहना था कि सरकार वे तमाम व्यवस्थाएं करेगी जिससे कि आधार न होने की स्थिति में कोई व्यक्ति सरकारी योजनाओं का लाभ पाने से वंचित न रह जाए.