बीते मई में नंदा देवी के पास एक शिखर पर चढ़ने की कोशिश करते हुए जान गंवाने वाले आठ पर्वतारोहियों का एक वीडियो सामने आया है. भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) द्वारा जारी इस वीडियो में इन पर्वतारोहियों की मौत से पहले के कुछ पल दर्ज हैं. करीब ढाई मिनट के इस वीडियो में ये सभी एक संकरे और बर्फ से ढके रास्ते पर दिखाई दे रहे हैं. यह वीडियो 19 हजार फीट की ऊंचाई पर मिला जो एक पर्वतारोही के कैमरे में रिकॉर्ड था.

आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक कुमार पांडे का कहना है कि जिस संकरे रास्ते को यह टीम पार कर रही थी वह बहुत ही खतरनाक है. उनका मानना है कि इन लोगों के वजन से कुछ बर्फ खिसक गई होगी जिसने हिमस्खलन को जन्म दिया होगा. आईटीबीपी ने ही ये शव बरामद किए थे. हालांकि टीम के प्रमुख और चर्चित पर्वतारोही मार्टिन मोरान का शव अभी भी नहीं मिल पाया है.

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ये आठों पर्वतारोही बीती 13 मई को चोटी पर चढ़ाई के लिए उत्तराखंड के मुंश्यारी से रवाना हुए थे. इनमें ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के पर्वतारोही शामिल थे. ये सभी 25 मई को अपेक्षाकृत कम ऊंचाई वाले 6477 मीटर ऊंचे एक अनाम शिखर पर अनुकूलन और अभ्यास के लिए निकले थे जबकि उनके अन्य साथी बेस कैंप पर वापस लौट आए थे. लेकिन जब निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक ये आठ सदस्य वापस नहीं लौटे तो शेष सदस्यों को चिंता होनी शुरू हुई. फिर उनकी तलाश शुरू हुई. कुछ दिन बाद वायु सेना के हेलीकॉप्टरों ने इनके के शव नंदा देवी पूर्व नाम के शिखर के पास देखे. इसके बाद इन्हें बरामद करने के लिए अभियान चलाया गया.

इस शिखर पर पहले भी हादसे होते रहे हैं. 2007 में कुमाऊं रेजिमेंट के नंदा देवी ईस्ट अभियान को भी हादसे का शिकार होना पड़ा था. दल के चार सदस्यों को जान गंवानी पड़ी थी