कर्नाटक की जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार पर संकट जारी है. अगर उसके बागी 13 विधायकों के इस्तीफे मंजूर हो जाते हैं तो वह अल्पमत में आ जाएगी. विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार को इन इस्तीफों पर फैसला लेना है. इस तरह देखा जाए तो गठबंधन सरकार का भविष्य उन पर टिका है. रमेश कुमार ने कहा है कि वे संविधान के हिसाब से फैसला लेंगे. उनका कहना था, ‘अभी तक किसी भी विधायक ने मुझसे मुलाकात नहीं की है. अगर कोई मुझसे मिलना चाहता है तो मैं अपने दफ्तर में उपलब्ध हूं.’

फिलहाल कांग्रेस और जेडीएस अपने बागी विधायकों को मनाने की कोशिशों में लगे हैं. सूत्रों के मुताबिक गठबंधन कानूनी विकल्प भी तलाश रहा है. कांग्रेस ने आज सरकार को बचाने के लिए रणनीति पर विचार करने के लिए एक बैठक बुलाई थी. लेकिन पार्टी के 12 विधायक उससे नदारद रहे.

अगर इन विधायकों के इस्तीफे मंजूर हो जाते हैं तो जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के पास 103 विधायक बचेंगे. इसके साथ ही राज्य विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 113 से गोता लगाकर 105 पर आ जाएगा. भाजपा के पास इतने ही विधायक हैं और दो निर्दलीयों ने उसे समर्थन देने की घोषणा की है. यानी सरकार बनाने के लिहाज से उसकी स्थिति मजबूत हो जाएगी.

फिलहाल सभी बागी विधायक मुंबई से गोवा पहुंच गए हैं. उधर, अपने बाकी विधायकों को दूसरे पाले में जाने से बचाने के लिए जेडीएस ने भी उन्हें एक रिसॉर्ट मे पहुंचा दिया है. मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी का दावा है कि उनकी सरकार बच जाएगी. उधर, भाजपा का कहना है कि वे अल्पमत में आ गए हैं और इसलिए अब उन्हें कुर्सी छोड़ देनी चाहिए.