मुश्किलों में घिरे नरेश गोयल को कोई राहत नहीं मिलती दिख रही. दिल्ली हाई कोर्ट ने जेट एयरवेज के इस पूर्व मुखिया की वह याचिका खारिज कर दी है जिसमें उन्होंने खुद पर लगे यात्रा प्रतिबंध को चुनौती दी थी. पीटीआई के मुताबिक हाई कोर्ट ने कहा कि फिलहाल नरेश गोयल को कोई अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती. अदालत का यह भी कहना था कि अगर उन्हें तुरंत विदेश जाना ही है तो वे पहले 18 हजार करोड़ रु की गारंटी जमा करें.

इससे पहले अपनी याचिका में नरेश गोयल ने यह भी कहा था कि उनके खिलाफ जारी किए गए लुकआउट सर्कुलर का कोई आधार नहीं है. इस पर हाई कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा है. नरेश गोयल ने कहा कि उन्हें इस सर्कुलर के बारे में तब पता चला जब बीती 25 मई को उन्हें उनकी पत्नी के साथ दुबई जा रही एक फ्लाइट से उतार लिया गया. नरेश गोयल को दुबई से लंदन जाना था.

उधर, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय का कहना है कि उसे अपनी जांच में जेट एयरवेज के कामकाज में बड़ी गड़बड़ियां मिली हैं और इसके बाद ही नरेश गोयल के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था. इस एयरलाइन पर अलग-अलग बैंकों का साढ़े आठ हजार करोड़ रु से भी ज्यादा का कर्ज बकाया है. खराब माली हालत के चलते उसे बीते अप्रैल में अपनी विमानन सेवाएं बंद करनी पड़ीं. जेट एयरवेज ने सेवाएं जारी रखने के लिए बैंकों से इमरजेंसी फंड भी मांगा था जो उसे नहीं मिला.

इससे पहले मार्च में नरेश गोयल और उनकी पत्नी अनीता गोयल ने जेट के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था.