गोवा में शादी करने वाले जोड़ों के लिए जल्दी ही एड्स की बीमारी का परीक्षण (एचआईवी परीक्षण) अनिवार्य हो सकता है. गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने यह जानकारी दी है. इसके साथ ही विश्वजीत राणे ने बताया है कि उन्होंने कानून विभाग को गोवा में शादियों के पंजीयन के लिए एचआईवी परीक्षण अनिवार्य करने से जुड़ा एक प्रस्ताव तैयार करने को कहा है. राणे गोवा में कानून विभाग का जिम्मा भी संभालते हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक गोवा के स्वास्थ्य मंत्री ने राजधानी पणजी में पत्रकारों से बात करते हुए कहा है, ‘इसे (एचआईवी परीक्षण) मैं जनहित के लिए अनिवार्य करना चाहता हूं. इसके लिए अगर जरूरत होगी तो मॉनसून सत्र के दौरान जनस्वास्थ्य कानून में बदलाव किया जाएगा.’ गोवा के स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक वे राज्य में शादी से पहले थैलेसीमिया बीमारी का परीक्षण भी अनिवार्य करवाना चाहते हैं क्योंकि इस बीमारी से पीड़ित दंपति के बच्चे जीवित नहीं रह पाते. राणे ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए यह भी कहा कि गोवा छोटा राज्य है और उसे इस मामले में पहल करनी चाहिए.

गोवा में इससे पहले 2006 में भी शादी से पहले एचआईवी परीक्षण को अनिवार्य करने से जुड़ा प्रस्ताव तैयार किया गया था. लेकिन तब राज्य की कांग्रेस सरकार को इस मामले में काफी विरोध का सामना करना पड़ा था और आखिर में उसे यह प्रस्ताव वापस लेना पड़ा था.