कर्नाटक के सियासी संकट के मद्देनजर मंगलवार को लोकसभा में कांग्रेस के नेताओं ने जमकर नारेबाजी की. इस दौरान कांग्रेस के नेता राहुल गांधी भी इसके विरोध में नारा लगाते हुए दिखाई दिए. खबरों के मुताबिक 17वीं लोकसभा में यह पहला मौका था जब राहुल गांधी को ऐसा करते हुए देखा गया. इसके बाद वे अपनी मां और संयुक्त प्रगतिशील गंठबंधन (यूपीए) की अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ सदन से वॉकआउट भी कर गए.

इससे पहले लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कर्नाटक संकट का मुद्दा उठाया था. तब उन्होंने कहा कि केंद्र की सत्ताधारी पार्टी राज्य में कांग्रेस के सदस्यों का ‘शिकार’ कर रही है. इसके साथ ही उन्होंने ‘शिकार की इस राजनीति’ को लोकतंत्र के लिए खतरा भी बताया. इस पर लोकसभा के सभापति ओम बिड़ला ने कहा कि कांग्रेस के सदस्यों को कर्नाटक का मुद्दा उठाने के लिए सोमवार को वक्त दिया जा चुका है. इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस के कार्यस्थगन के प्रस्ताव को भी नामंजूर कर दिया. इसी को लेकर कांग्रेस के सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी.

फिर ‘तानाशाही बंद करो,’ ‘शिकार की राजनीति बंद करो,’ ‘वी वांट जस्टिस’ (हमें न्याय चाहिए) के नारे लगाते हुए कांग्रेस के सदस्य गर्भगृह तक जा पहुंचे. इसी दौरान राहुल गांधी को भी ‘शिकार की राजनीति बंद करो’ नारे के अंतिम शब्द कहते सुना गया. वहीं ओम बिड़ला ने विरोध जताते हुए नारेबाजी करने वाले सांसदों से सदन की मर्यादा और गरिमा बनाए रखने की अपील की.

इससे पहले सोमवार को भी सदन में कर्नाटक संकट का मुद्दा उठा था जिस पर सरकार की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जवाब दिया था. तब उन्होंने कहा था कि इस मामले का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से कोई लेना-देना नहीं है. उनका यह भी कहना था कि भाजपा ने कभी जोड़-तोड़ की राजनीति में विश्वास नहीं किया. इसके साथ ही कर्नाटक में कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के बहाने राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा था. साथ ही कहा था, ‘कांग्रेस में इस्तीफों की शुरुआत राहुल गांधी ने की है. उनके इस्तीफा देने के बाद से ही कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता अपने पदों से इस्तीफा दे रहे हैं.’