ब्रिटेन की विपक्षी लेबर पार्टी अब पूरी तरह से ब्रेक्जिट यानी ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने के विरोध में उतर आयी है. पार्टी ने मंगलवार को कहा कि ब्रेक्जिट को लेकर ब्रिटेन में एक और जनमत संग्रह कराये जाने की जरूरत है.

पीटीआई के मुताबिक लेबर पार्टी के प्रमुख नेता जेरेमी कॉर्बिन ने अपने कार्यकर्ताओं को लिखे एक पत्र में यह जानकारी दी है. उन्होंने इस पत्र में कहा है, ‘लेबर पार्टी ब्रिटेन के 28 सदस्यों वाले यूरोपीय संघ में बने रहने के अपने अभियान को लेकर प्रतिबद्ध है. हम ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री से कहेंगे कि वह ब्रिटेन को यूरोपीय संघ से अलग करने से पहले देश में एक और जनमत संग्रह करवाएं.’

लेबर नेता जेरेमी कॉर्बिन के मुताबिक उनके दल ने और ज्यादा तीव्र ब्रेक्जिट विरोधी रुख अपनाने का फैसला किया है. इससे इस महीने के अंत में जब कंजर्वेटिव पार्टी के नेता बोरिस जॉनसन या जेरेमी हंट में से कोई एक प्रधानमंत्री बने, तो उन्हें ब्रेक्जिट को लेकर कोई समझौता करने से रोका जा सके.

कॉर्बिन ने लेबर पार्टी के कार्यकर्ताओं को लिखे पत्र में आगे कहा है, ‘जो कोई भी नया प्रधानमंत्री बने उसमें यह भरोसा होना चाहिए कि वह जनमत संग्रह में जनता से मिली राय के आधार पर करार करे या न करे...इन परिस्थितियों में, मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि लेबर पार्टी ब्रेक्जिट समझौते के खिलाफ बने रहने के लिये अभियान चलाएगी क्योंकि इससे न अर्थव्यवस्था की रक्षा होती है और न ही नौकरियों की.’

ब्रिटेन में 23 जून 2016 को ब्रेक्जिट मुद्दे पर जनमत संग्रह हुआ था. इसमें वहां की अधिकांश जनता ने ब्रेक्जिट यानी ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने के विकल्प को चुना था. इसके बाद ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के बीच अलग होने को लेकर एक समझौता हुआ, लेकिन इस समझौते को ब्रिटेन के सांसदों ने नकार दिया. इनका कहना था कि इस समझौते से ब्रिटेन को बड़ा नुकसान होगा इसलिए सरकार को यूरोपीय संघ से ब्रेक्जिट को लेकर कोई दूसरा समझौता करना चाहिए.

ब्रेक्जिट समझौते पर बीते दो साल से आम राय बनाने की कोशिश में लगी प्रधानमंत्री टेरेसा मे ने भी थक हार कर बीते महीने अपने पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी. ब्रिटेन की सत्ताधारी पार्टी इस समय नए प्रधानमंत्री को चुनने की प्रक्रिया में लगी है. नए प्रधानमंत्री के पास ब्रेक्जिट समझौते पर सभी सांसदों को एक राय करने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय होगा.