अमेरिका और ताइवान के बीच हुई हथियारों की एक डील से चीन बौखला गया है. उसने अमेरिका से इस डील को तत्काल रद्द करने के लिए कहा है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने मंगलवार को मीडिया को यह जानकारी दी.

गेंग शुआंग ने कहा, ‘अमेरिका द्वारा ताइवान को हथियारों की बिक्री करना ‘एक चीन सिद्धांत’ का उल्लंघन है. यह चीन के आंतरिक मामलों में व्यापक रूप से हस्तक्षेप है और हथियारों का यह समझौता चीन की संप्रभुता तथा सुरक्षा हितों को कमजोर करता है.’

गेंग ने आगे कहा कि चीन पहले ही कूटनीतिक माध्यमों से इस कदम के लिए घोर असंतोष और कड़ा विरोध व्यक्त करते हुए औपचारिक शिकायत दर्ज करा चुका है. चीन अब फिर अमेरिका से आग्रह करता है कि वह चीन-अमेरिका संबंधों को नुकसान पहुंचने से बचाने के लिए तुरंत ताइवान के साथ हुई हथियारों डील रद्द करे और उसके साथ सैन्य संबंध भी खत्म करे.

बीते महीने अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (डीएससीए) ने बताया था कि उसने ताइवानी से हथियारों को लेकर 2.2 अरब डॉलर का एक समझौता किया है. इसके तहत अमेरिका ताइवान को 108 एम-1 ए-2 अब्राम्स युद्धक टैंक, 1500 से अधिक टैंक रोधी मिसाइलें और कंधे पर रखकर दागी जाने वाली 250 स्टिंगर विमान भेदी मिसाइलें देगा.

इस खबर के बाद से ही चीन बौखलाया हुआ है. दरअसल, साल 1949 में चीनी गृह युद्ध की समाप्ति के बाद से ताइवान का शासन अलग संचालित होता रहा है, लेकिन चीन अभी भी इसे अपना क्षेत्र ही मानता है. चीन कई बार कह चुका है कि वह ताइवान को एक दिन अपने नियंत्रण में लेकर रहेगा, भले ही उसे इसके लिए बल प्रयोग करना पड़े.