आज सोशल मीडिया पर क्रिकेट विश्व कप में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे सेमीफाइनल मैच की चौतरफा चर्चा है. लेकिन इसके साथ ही यहां दिल्ली और लखनऊ के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस ट्रेन को निजी हाथों में सौंपे जाने से जुड़ी अहम खबर पर भी लोगों की खूब प्रतिक्रियाएं आई हैं. खबरों के मुताबिक रेलवे ने 100 दिन के एजेंडे के तहत अपनी दो ट्रेनों के संचालन की कमान निजी हाथों में देने के संकेत दिए हैं. इनमें एक ट्रेन तेजस है और यह देश की पहली प्राइवेट ट्रेन भी होगी. सोशल मीडिया पर सरकार समर्थकों के साथ कुछ अन्य लोगों ने इस फैसले का समर्थन किया है. मसलन नजमा खान ने ट्विटर के जरिए कहा है कि इस ट्रेन का निजीकरण होने से अब रिजर्वेशन की दिक्कतें दूर हो जाएंगी.

वहीं एक बड़े तबके ने रेलवे के इस ‘निजीकरण’ का जमकर विरोध किया है और इसके लिए भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है. फेसबुक पर गिरीश मालवीय ने टिप्पणी की है, ‘…दिल्ली और लखनऊ के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस देश की पहली प्राइवेट ट्रेन होगी जो उन हजारों बेरोजगारों की छाती पर दौड़ने वाली है जो सरकारी रेलवे में नौकरी का सपना संजोए बैठे हुए हैं…’

बीते लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी एक सभा के दौरान गीतकार प्रसून जोशी का गीत ‘सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं बिकने दूंगा…’ इस्तेमाल किया था और तब इसकी सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हुई थी. आज तेजस एक्सप्रेस से जुड़ी खबर के हवाले से कुछ लोगों ने इसका जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसा है. ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा है, ‘सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं बिकने दूंगा... लेकिन निजीकरण कर सकता हूं.’

सोशल मीडिया में इस खबर पर आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :

अभिनव चुग | @abhichugh

यह बहुत ही अच्छी खबर है कि निजी क्षेत्र भारत में ट्रेनें चलाएगा... इस पल का मैं बहुत लंबे वक्त से इंतजार कर रहा था. जो लोग इससे बहुत परेशान हैं वे जरा कल्पना करें कि अगर देश में सिर्फ एयर इंडिया, बीएसएनएल और एसबीआई ही होते तो हमारी जिंदगी कैसी होती!

मनीष परमार | @Drmanish457

दिल्ली-लखनऊ के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस प्राइवेट होने वाली है... ये ट्रेन बिकाऊ है! कोई है तैयार? नहीं तो बाद में मत कहना कि अडानी को दे दी.

रमन शर्मा | @ramanswall

निजी कंपनी को सब पका-पकाया लजीज़ ताजा खाना थमा दिया गया है... परोसना है और उसके पैसे लेने हैं. कितना बढ़िया निजीकरण है.

लोन..| @loan_insurance

भारत में अब प्राइवेट ऑपरेटर ट्रेनें चलाएंगे... क्या सरकार इतनी लाचार हो गई है कि वो रेलवे का रख-रखाव नहीं कर पा रही?