दिल्ली हाई कोर्ट ने जेट एयरवेज के पूर्व मुखिया नरेश गोयल की वह याचिका खारिज कर दी है जिसमें उन्होंने खुद पर लगे यात्रा प्रतिबंध को चुनौती दी थी. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. हाई कोर्ट ने कहा कि फिलहाल उन्हें कोई अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती. अदालत का यह भी कहना था कि अगर उन्हें तुरंत विदेश जाना ही है तो वे पहले 18 हजार करोड़ रु की गारंटी जमा करें. इससे पहले अपनी याचिका में नरेश गोयल ने यह भी कहा था कि उनके खिलाफ जारी किए गए लुकआउट सर्कुलर का कोई आधार नहीं है. इस पर हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है.

साल 2015 के बाद किसानों की खुदकुशी का कोई रिकॉर्ड नहीं : केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने स्वीकार किया है कि उसके पास साल 2015 के बाद किसानों की खुदकुशी का कोई रिकॉर्ड नहीं है. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक कृषि राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने मंगलवार को लोकसभा में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों के साथ मिलकर आंकड़े जुटाए जा रहे हैं. पुरुषोत्तम रुपाला का कहना है कि साल 2015 से पहले कृषि मंत्रालय, गृह मंत्रालय से इसकी जानकारी हासिल करता था. हालांकि, विपक्ष सरकार के इस जवाब से संतुष्ट नहीं दिखा और इस पर दोनों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई.

राष्ट्रीय दलों को 20,000 रुपये से ऊपर मिले चंदे का 93 फीसदी हिस्सा कॉरपोरेट घरानों से मिला

साल 2016-17 और 2017-18 के बीच छह राष्ट्रीय दलों को 20,000 रुपये से ऊपर मिले कुल चंदे का 93 फीसदी हिस्सा कॉरपोरेट घरानों से मिला है. नवभारत टाइम्स ने एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि इन दलों को 1,731 कारोबारियों से कुल 1,059 करोड़ रुपये हासिल हुए हैं. सत्ताधारी पार्टी भाजपा को सबसे अधिक 915.59 करोड़ रुपये मिले. वहीं, कांग्रेस को 55.36 करोड़ रुपये और एनसीपी को 7.74 करोड़ रुपये से ही संतोष करना पड़ा है. बताया जाता है कि प्रूडेट/सत्य इलेक्टोरल ट्रस्ट ने राजनीतिक दलों को सबसे अधिक चंदा दिया है. इस ट्रस्ट से भाजपा को 405.52 करोड़ रुपये और कांग्रेस को 23.9 करोड़ रुपये हासिल हुए.

अब इंस्टाग्राम पर अश्लील टिप्पणी पर लगाम लगाने की तैयारी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम अश्लील शब्दों या टिप्पणी के खिलाफ कदम उठाने की तैयारी में है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक अब किसी भी इंस्टाग्राम पोस्ट पर ऐसा करने वालों को चेतावनी दी जाएगी. इसके तहत कंपनी आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस की मदद से अपशब्द लिखने वाले उपभोक्ताओं को नोटिस भेजेगी कि उनकी पोस्ट सही नहीं है. बताया जाता है कि इस फीचर के परीक्षण के दौरान पता चला है कि इस नोटिफिकेशन के बाद कई लोगों ने अपनी टिप्पणी वापस ले ली.

मुसलमान, ईसाई, सिख, बौद्ध और पारसी को अल्पसंख्यक का दर्जा देने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

सुप्रीम कोर्ट में 26 साल पुराने उस अध्यादेश को चुनौती दी गई है, जिसके जरिये पांच समुदायों- मुसलमान, ईसाई, सिख, बौद्ध और पारसी को अल्पसंख्यक का दर्जा दिया गया है. दैनिक जागरण में छपी खबर के मुताबिक याचिकाकर्ता ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग कानून- 1992 की धारा 2 (सी) को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की है. इस कानून के तहत 23 अक्टूबर, 1993 को संबंधित अध्यादेश जारी किया गया था. वहीं, इस याचिका में मांग की गई है कि किसी समुदाय के लिए अल्पसंख्यक दर्जे का निर्धारण राष्ट्रीय स्तर पर करने के बजाय संबंधित राज्य में उसकी आबादी के आधार पर किया जाए. याचिकाकर्ता ने अदालत से इस दिशा में नियम बनाने के निर्देश देने का अनुरोध किया है.

इंडोनेशिया ने कचरे से भरे 49 कंटेनरों को उनके देश वापस भेजा

इंडोनेशिया की सरकार ने अपने देश को कचरे का ढेर बनने से बचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इंडोनेशिया ने कचरे से भरे 49 कंटेनरों को वापस धनी देशों को भेज दिया है. इस बारे में कस्टम के एक अधिकारी ने बताया कि इन कंटेनरों वापस ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी और हांगकांग वापस भेज दिया है. बताया जाता है कि दक्षिण-पूर्व एशिया विकसित देशों के कचरे के लिए एक डम्पिंग क्षेत्र बनता जा रहा है.