कर्नाटक में सरकार पर संकट जारी है. सत्ताधारी जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के 10 बागी विधायकों को मनाने के लिए कांग्रेस नेता और कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री डीके शिवकुमार आज मुंबई पहुंचे. लेकिन जब वे उस होटल में दाखिल होने जा रहे थे जिसमें ये विधायक ठहरे हुए हैं तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया. डीके शिवकुमार ने इसका विरोध किया. उनका कहना था कि वे इन विधायकों को किडनैप करने के इरादे से नहीं आए हैं बल्कि वे उनके साथ प्रेम से बातचीत करना चाहते हैं. डीके शिवकुमार ने यह भी कहा कि पुलिस को अगर इसमें कोई संदेह है तो वह उनके साथ चल सकती है. हालांकि मुंबई पुलिस ने उन्हें फिर भी उन्हें भीतर जाने की इजाजत नहीं दी.

जेडीएस-कांग्रेस सरकार के 13 विधायकों के इस्तीफे के बाद सबकी नजरें विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार पर हैं. अगर ये इस्तीफे स्वीकार हो जाते हैं तो एचडी कुमारस्वामी सरकार अल्पमत में आएगी. हालांकि विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने कहा है कि 13 में से आठ विधायकों के इस्तीफे नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए. उनके मुताबिक उन्होंने इन विधायकों को अपने सामने पेश होने के लिए समय दिया है. विधानसभा अध्यक्ष का ये भी कहना था कि अब तक कोई भी बागी विधायक उनसे नहीं मिला है. उन्होंने ये भी कहा कि वे संविधान के हिसाब से ही फैसला लेंगे.

जेडीएस और कांग्रेस के 13 विधायकों के अलावा दो निर्दलीय विधायक भी सरकार का साथ छोड़ चुके हैं. उधर, कर्नाटक सरकार में शामिल सभी 21 मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है. कहा जा रहा है कि ये कवायद जेडीएस और कांग्रेस के बागी विधायकों को नए मंत्रिमंडल में शामिल करने के लिए की गई है.

उधर, भाजपा ने कहा है कि एचडी कुमारस्वामी सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है क्योंकि वह अल्पमत में आ गई है. पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी की कर्नाटक इकाई के मुखिया बीएस येदियुरप्पा ने राज्य विधानसभा के सामने धरना-प्रदर्शन करने की बात भी कही है. उनका यह भी कहा है कि वे जल्द ही विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार से मिलकर उनसे बागी विधायकों के इस्तीफे पर जल्द फैसला लेने को कहेंगे.