अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत सरकार की नीतियों को लेकर नाराजगी जाहिर की है. एक ट्वीट में उन्होंने कहा है कि अमेरिकी सामान पर भारत की तरफ से टैक्स अब स्वीकार्य नहीं है. इससे माना जा रहा है कि वे आने वाले दिनों में भारत के खिलाफ कोई कदम उठाने वाले हैं. बीते महीने जी-20 की बैठक से ठीक पहले भी डोनाल्ड ट्रंप ने एक ट्वीट कर कहा था कि भारत 28 अमेरिकी उत्पादों पर टैक्स में की गई बढ़ोतरी वापस ले.

यह मामला एक जून से शुरू हुआ जब अमेरिका ने भारत को कारोबार में दी जाने वाली विशेष तरजीह खत्म कर दी. अमेरिका का व्यापार घाटा कम करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने इस तरह के कई कदम उठाए हैं. डोनाल्ड ट्रंप के इस कदम के बाद भारत ने भी अपने यहां आने वाले 28 अमेरिकी सामानों पर टैक्स में बढ़ोतरी कर दी.

अपने नए फैसले की वजह पर डोनाल्ड ट्रंप का कहना था कि भारत को मिले विशेष दर्जे के कारण वह करीब साढ़े पांच अरब डॉलर का सामान बिना टैक्स के अमेरिकी बाजार में बेच रहा था. भारत और अमेरिका के बीच अभी करीब 142 अरब डॉलर का सालाना व्यापार होता है. अमेरिका जितना भारत को भेजता है, भारत उसकी तुलना में 24.2 अरब डॉलर का ज्यादा माल अमेरिका भेजता है. यानी वह सरप्लस की स्थिति में है.

बीते कुछ समय से अमेरिका का अपने सबसे बड़े व्यापारिक साझीदार चीन से भी व्यापार युद्ध चल रहा है. दोनों देशों ने एक दूसरे के सामानों पर लगने वाले टैक्स में बढ़ोतरी की है. हालांकि हाल में जी 20 शिखर सम्मेलन के दौरान जब दोनों देशों के प्रमुख मिले तो इस मोर्चे पर थोड़ी नरमी की उम्मीद की गई. बैठक के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का कहना था कि दोनों देशों ने जब भी मिलकर काम किया है तो दोनों को फायदा हुआ है और ऐसा न होने पर उल्टा नतीजा देखने को मिला है.