19 सितंबर, 2008 को दिल्ली के जामिया नगर इलाके में पुलिस ने कुछ संदिग्ध आतंकियों का एनकाउंटर किया था. इस कार्रवाई में जहां दो संदिग्ध आतंकियों की मौत हो गई थी, वहीं दो को गिरफ्तार किया गया था और एक निकल भागने में कामयाब हुआ था. इस मसले पर उस समय सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक पार्टियों ने खूब हंगामा किया था. जॉन अब्राहम के अभिनय वाली ‘बाटला हाउस’ इस पूरे घटनाक्रम पर आधारित है.

यह ट्रेलर बताता है कि फिल्म बाटला हाउस एनकाउंटर और उस पर हुए हो-हंगामे को एनकाउंटर करने वाले अधिकारी की नज़र से दिखाने वाली है. इसके साथ ही, ट्रेलर यह भी अंदाजा देता है कि फिल्म राजनीतिक दलों, पुलिस महकमे और सामाजिक संगठनों की आपसी खींचतान की झलक भी दिखाएगी. लेकिन यह सब मिलकर बढ़िया मनोरंजन के साथ याद रह जाने वाले सिनेमा का रूप ले सकेगा या नहीं, इसका वादा ये झलकियां नहीं कर पातीं.

अभिनय की बात करें तो फिल्म में मुख्य भूमिकाएं जॉन अब्राहम और मृणाल ठाकुर ने निभाई हैं. इन झलकियों से अंदाजा लग जाता है कि जॉन एक बार फिर अपने सपाट चेहरे पर टफ लुक देते हुए एक्शन करने से ज्यादा कुछ शायद ही करेंगे. ट्रेलर देखते हुए उनकी पिछली फिल्मों ‘सत्यमेव जयते’ या ‘रोमियो अकबर वॉल्टर’ को याद किया जाए तो लगता है कि उन्होंने यह फिल्म शूट करने की जहमत क्यों उठाई है, अपनी इन पुरानी फिल्मों की कुछ कतरनें ही यहां जोड़ लेते!

यहां मृणाल ठाकुर से थोड़ी बहुत उम्मीदें लगाई जा सकती हैं लेकिन जॉन अब्राहम की फिल्म में उनके लिए कितनी गुंजाइश होगी, कहना मुश्किल है. ‘कुमकुम भाग्य’ टीवी सीरियल से चर्चा में आईं मृणाल ठाकुर ने बीते साल ‘लव सोनिया’ में अपने अभिनय के लिए खूब तारीफ बटोरी थी.

‘बाटला हाउस’ के लेखक-निर्देशक और निर्माता निखिल आडवाणी हैं. उनकी आखिरी निर्देशित फिल्म ‘कट्टी-बट्टी’ है जो साल 2015 में आई थी. बीते साल आई ‘बाज़ार’ की पटकथा जरूर उन्होंने लिखी थी जिसे ठीक-ठाक सराहना मिली थी. फिलहाल, उनकी फिल्म ‘बाटला हाउस’ का ट्रेलर इस एनकाउंटर से जुड़े विवादों की झलक दिखाकर जिज्ञासा तो जगाता है लेकिन भरपूर मात्रा में नहीं. बाद बाकी फिल्म भरपूर मनोरंजन कर पाएगी या नहीं, इसका पता 15 अगस्त को इसकी रिलीज के साथ ही चल सकेगा.

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