सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह और उनके पति आनंद ग्रोवर के घर पर सीबीआई ने छापा मारा है. पीटीआई के मुताबिक यह कार्रवाई विदेशी फंडिंग के नियमों के उल्लंघन के मामले में की गई है. इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर पर अपने एनजीओ ‘लॉयर्स कलेक्टिव’ के लिए विदेशी फंडिंग हासिल करने को लेकर कानून के उल्लंघन का आरोप है.

आरोपों के मुताबिक 2006-07 से 2014-15 के बीच इस संगठन को 32.39 करोड़ रुपये का चंदा मिला था जिसमें विदेशी चंदा विनियमन कानून का उल्लंघन किया गया. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस सिलसिले में ‘लॉयर्स कलेक्टिव’ के खिलाफ दो प्राथमिकियां दर्ज कर चुका है. इसे लेकर ‘लॉयर्स वॉइस’ नाम के एक संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की है. इसमें ‘लॉयर्स कलेक्टिव’ पर विदेशी चंदे का इस्तेमाल ‘देशविरोधी गतिविधियों’ के लिए करने का आरोप लगाया गया है. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए मई में सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा जयसिंह, आनंद ग्रोवर और उनके एनजीओ को नोटिस जारी किया था. संगठन इन आरोपों को खारिज कर चुका है.


एजेंसी ने इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर पर विदेशी चंदे को भारत से बाहर भेजकर उसके दुरुपयोग का आरोप लगाया है। आरोपों के मुताबिक इंदिरा जयसिंह जब 2009 से 2014 के बीच अडिशनल सॉलिसिटर जनरल थीं तो उस दौरान उनके एनजीओ ने विदेशी चंदे से जुड़े कानून का उल्लंघन किया। सीबीआई के मुताबिक, उस वक्त इंदिरा जयसिंह के विदेश दौरों पर खर्च को एनजीओ के खर्च के रूप में दिखाया गया था और इसके लिए गृह मंत्रालय से जरूरी इजाजत भी नहीं ली गई थी।