सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद में मध्यस्थता प्रक्रिया को खत्म करने की मांग वाली याचिका ठुकरा दी है. यह याचिका हिंदू पक्षकार गोपाल सिंह विशारद ने लगाई थी. उनकी दलील थी कि मध्यस्थता को लेकर किए गए प्रयासों से अयोध्या विवाद सुलझाने की दिशा में कोई खास प्रगति नहीं हुई है, लिहाजा इसे रोकर सुप्रीम कोर्ट मामले की जल्द सुनवाई करे. लेकिन शीर्ष अदालत ने इससे इनकार कर दिया. उसने कहा कि मध्यस्थता प्रक्रिया खत्म नहीं होगी और वह मध्यस्थता पैनल की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करेगी. हालांकि उसने इस पैनल को अब तक हुई प्रगति पर रिपोर्ट सौंपने के लिए एक हफ्ते का वक्त दिया है. सुप्रीम कोर्ट का यह भी कहना था कि अगर उसे लगा कि इस दिशा में कुछ खास नहीं हुआ है तो 25 जुलाई से अयोध्या मामले में रोज सुनवाई होगी.

सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल मार्च में पूर्व न्यायाधीश एफएम कलीफुल्ला की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय मध्यस्थता पैनल बनाया था. इसमें अध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर और वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम पंचू भी शामिल थे. इस पैनल को अयोध्या विवाद का सर्वमान्य समाधान निकालना था. बाद में पैनल के अनुरोध पर उसे 15 अगस्त तक का समय दिया गया था. इस पर जताई गई आपत्तियों को लेकर शीर्ष अदालत का कहना था कि अगर मध्यस्थता करने वाले परिणाम को लेकर आशान्वित हैं और 15 अगस्त तक का समय चाहते हैं तो समय देने में क्या नुकसान है.