सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कनार्टक के कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के 10 बागी विधायकों को शाम छह बजे विधानसभा अध्यक्ष से मिलने की अनुमति दे दी. साथ ही उसने विधानसभा अध्यक्ष को उनके इस्तीफे पर आज ही फैसला करने का निर्देश भी दिया. इन विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लगाई थी. इसमें कहा गया था कि उनका इस्तीफा मंजूर न करके विधानसभा अध्यक्ष संवैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं कर रहे हैं.

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने कहा कि कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष द्वारा लिए गए निर्णय की जानकारी शुक्रवार को मामले की अगली सुनवाई के दौरान अदालत को दी जाए. सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के डीजीपी को इन 10 असंतुष्ट विधायकों को बेंगलुरू हवाई अड्डे से विधानसभा तक सुरक्षा मुहैया करने का निर्देश भी दिया.

कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के 14 विधायकों के इस्तीफे के बाद सबकी नजरें अब विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार पर हैं. अगर ये इस्तीफे स्वीकार हो जाते हैं तो एचडी कुमारस्वामी सरकार अल्पमत में आ जाएगी. इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष ने कहा था कि आठ विधायकों के इस्तीफे नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए. उनके मुताबिक उन्होंने इन विधायकों को अपने सामने पेश होने के लिए समय दिया है. उनका यह भी कहना था कि अब तक कोई भी बागी विधायक उनसे नहीं मिला है. उन्होंने यह भी कहा कि वे संविधान के हिसाब से ही फैसला लेंगे.

उधर, भाजपा ने राज्यपाल से एचडी कुमारस्वामी सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है. उसका कहना है कि इतने सारे विधायकों के इस्तीफे के बाद सरकार अल्पमत में आ गई है. उधर, कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और संकटमोचक डीके शिवकुमार बागी विधायकों को मनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई सफलता नहीं मिली है. कल वे मुंबई स्थित उस होटल भी पहुंचे थे जहां ये विधायक टिके हुए हैं. हालांकि पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया.