क्रिकेट विश्व कप के पहले सेमीफाइनल में भारत को हराने वाली न्यूजीलैंड की टीम के कप्तान केन विलियमसन ने महेंद्र सिंह धोनी का बचाव किया है. जीत के बाद एक प्रेस वार्ता में उनसे पूछा गया कि अगर वे भारत के कप्तान होते तो क्या टीम में महेंद्र सिंह धोनी को रखते? इस पर कीवी कप्तान ने मुस्कराते हुए जवाब दिया, ‘वे न्यूज़ीलैंड के लिए नहीं खेल सकते, लेकिन वे विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं.’ सवाल पूछने वाले पत्रकार ने फिर दोहराया कि अगर वे भारत के कप्तान होते तब? इस पर केन विलियमसन का कहना था, ‘जरूर, अहम मौके पर उनका तजुर्बा पर बहुत काम का होता है....क्या वे देश बदलने की सोच रहे हैं? अगर ऐसा होता है तो हम उनके चयन पर सोचेंगे.’

भारत का विश्व कप सफर खत्म होने के बाद से सेमीफाइनल मैच में महेंद्र सिंह धोनी की धीमी पारी की आलोचना हो रही है. इस मैच में धोनी ने 72 गेंदों में 50 रन बनाए थे. इससे पहले उनकी और रविंद्र जडेजा की 116 रन की साझेदारी ने मैच में भारत की जीत की उम्मीदें फिर जिंदा कर दी थीं जिसके छह विकेट 92 रन पर गिर गए थे. महेंद्र सिंह धोनी की इस पारी पर केन विलियमसन का कहना था, ‘हमने ने कई मौक़ों पर धोनी को आखिर में मैच अपनी तरफ मोड़ते देखा है. ये बहुत ही मुश्किल विकेट था इसलिए कुछ भी आसान नहीं था.’ भारत को आखिरी 14 गेंदों में 32 रन चाहिए थे. तभी रविंद्र जडेजा कैच आउट हो गए और चार गेंद बाद ही मार्टिन गप्टिल ने धोनी को अपने शानदार थ्रो से रन आउट कर दिया.

उधर, सचिन तेंदुलकर ने भी इस मैच में महेंद्र सिंह धोनी और रविंद्र जडेजा की पारी की तारीफ की. हालांकि उनका यह भी कहना था कि भारतीय बल्लेबाजी हमेशा शीर्ष क्रम पर निर्भर नहीं रह सकती. सचिन तेंदुलकर ने कहा कि भारत के बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन ने 240 रन के मामूली लक्ष्य को बहुत बड़ा बना दिया.