कर्नाटक में इस्तीफा देने वाले कांग्रेस विधायकों की संख्या बढ़ती जा रही है और इस बीच कल गोवा में पार्टी के 15 में से दस विधायक सत्ताधारी भाजपा में शामिल हो गए. यही वजह है कि कर्नाटक के साथ गोवा का राजनीतिक घटनाक्रम भी अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है. यहां विरोधियों के साथ-साथ अन्य लोगों ने भी भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह अलोकतांत्रिक तरीके अपनाकर विरोधी पार्टी के विधायकों को अपने पाले में कर रही है.

राजनीतिक टिप्पणीकार और लेखक सुधींद्र कुलकर्णी ने इस घटनाक्रम पर ट्वीट किया है, ‘जब सिर्फ एक विधायक अपनी पार्टी छोड़ता है तो बहुत संभावना होती है कि उसने यह कदम अपनी अंतरात्मा की आवाज पर उठाया हो. लेकिन जब कई विधायक एक साथ पार्टी छोड़ते हैं तो यह पक्का होता है कि यह किसी साजिश के तहत किया गया फैसला है. अगर आपको लगता है कि भाजपा कर्नाटक और गोवा में लोकतंत्र की भावना की हत्या कर रही है तो इसकी निंदा कीजिए.’

बताया जा रहा है कि गोवा में भाजपा के कई स्थानीय नेता इन कांग्रेस विधायकों के पार्टी में शामिल होने पर खुश नहीं हैं. इसी हवाले से राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर का बयान भी यहां कई लोगों ने शेयर किया है. उन्होंने कहा है कि उनके पिता के निधन के बाद गोवा भाजपा अब ‘नई दिशा’ में मुड़ चुकी है और सिर्फ समय ही बताएगा कि वह सही पथ पर है या नहीं.

सोशल मीडिया में गोवा के इस राजनीतिक घटनाक्रम पर आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :

राजदीप सरदेसाई | @sardesairajdeep

गोवा में कांग्रेस के 15 में से दस विधायक भाजपा में शामिल हो गए हैं... ‘उगता सूरज को सलाम’ वाली सोच तमाम राज्यों में दिख रही है... लोगों को सिर्फ सत्ता चाहिए, विचाराधारा से उन्हें कोई मतलब नहीं.

एनआरएस | @another_patron

सवाल ये नहीं है कि दस विधायक भाजपा में शामिल क्यों हुए, सवाल ये है कि बाकी पांच कांग्रेस में क्यों रुके हुए हैं.

कौस्तुभ | @shankasur

ईवीएम में गड़बड़ी वाली बात भूल जाइए, अब तो अगर आप कांग्रेस के विधायक चुनते हैं तो वे भी आखिर में भाजपा में शामिल हो रहे हैं.

दिनेश प्रभु | @dineshprabhu22

गोवा में कुछ ज्यादा राजनीतिक स्थिरता, अस्थिरता की वजह बनेगी और यह कुछ ही दिनों में दिख जाएगा.

किरण प्रकाश | @MSKiranPrakash

पहले कर्नाटक, फिर गोवा. अब अगला नंबर किसका है? मध्य प्रदेश? राजस्थान? जो कुछ भी इस समय चल रहा है वो दिखाता है कि चुनाव बेमतलब हो गए हैं.