कर्नाटक में सियासी उथल-पुथल जारी है. आज विधानसभा सत्र की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने विश्वासमत प्रस्ताव पेश करने की अनुमति मांगी है. उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार से इसके लिए समय तय करने को कहा है. एचडी कुमारस्वामी ने भरोसा जताया है कि बहुमत अब भी उनके साथ है. उनका कहना था, ‘मैं किसी भी चीज के लिए तैयार हूं. मुझे सत्ता से चिपके रहने का शौक नहीं है.’

उधर, पीटीआई के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने राज्य विधानसभा के अध्यक्ष रमेश कुमार को निर्देश दिया है कि वे सत्ताधारी जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के बागी विधायकों के इस्तीफे या उन्हें अयोग्य घोषित करने पर 16 जुलाई तक कोई फैसला न लें. इससे पहले उसने कल विधानसभा अध्यक्ष को कल ही बागी विधायकों के इस्तीफे पर फैसला करने को कहा था. उधर, रमेश कुमार का कहना था कि इसकी कुछ संवैधानिक प्रक्रियाएं होती हैं और यह फैसला एक दिन में नहीं लिया जा सकता.

कल इस्तीफा देने वाले विधायकों में से आठ विधानसभा अध्यक्ष मिले थे और उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा था. सत्ताधारी गठबंधन के हाथ से कुल 18 विधायक निकल चुके हैं और अगर इनके इस्तीफे मंजूर हो गए तो जेडीएस-कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ जाएगी. उधर, भाजपा का दावा है कि एचडी कुमारस्वामी मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का हक खो चुके हैं और या तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए या फिर राज्यपाल को उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए.