तमिलनाडु के वेल्लोर से चेन्नई के लिए पानी लेकर चली एक ट्रेन आज तमिलनाडु की राजधानी पहुंच गई. पीटीआई के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि 50 डिब्बों में पानी लाई इस ट्रेन के प्रत्येक डिब्बे में 50,000 लीटर पानी है. ट्रेन को गुरुवार को चेन्नई पहुंचना था, लेकिन वाल्व में रिसाव के कारण इसमें देरी हो गई.

चेन्नई के कई क्षेत्रों में पिछले चार महीने से पानी की भयानक किल्लत है. भीषण जल संकट का सामना कर रहे इस महानगर के लोगों को राहत पहुंचाने के लिए अब अब अन्य जिलों से शहर तक पानी पहुंचाया जा रहा है. इसी के तहत राज्य सरकार ने पिछले दिनों घोषणा की थी कि वेल्लोर से पानी को रेल की सहायता से चेन्नई पहुंचाया जाएगा.

चेन्नई के लोगों की मौजूदा परेशानी की सबसे बड़ी वजह इस शहर को पानी देने वाले चार जलाशय हैं जो सूखे के कारण सूखने के कगार पर हैं. बीते साल के मुकाबले इन जलाशयों में महज एक फीसदी ही पानी बचा है. इससे चेन्नई में पानी की आपूर्ति करीब आधी हो गई है. यही वजह है कि 46 लाख से ज्यादा लोग हलकान हैं. शहर के दक्षिणी इलाके में एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को तीन-तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है. पानी भरने के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं के बाद चेन्नई नगर निगम टोकन की व्यवस्था के जरिये पानी बांट रहा है.

उधर, प्राइवेट मालिक प्रति टैंकर 4000 से 6000 रुपये तक वसूल रहे हैं और इसके लिए एक हफ्ते तक की वेटिंग चल रही है. निजी जल टैंकर संघ का कहना है कि पैसा बढ़ना जायज है क्योंकि पानी भरने के लिए अब बहुत दूर-दूर तक जाना पड़ रहा है.