उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम (रोडवेज) लंबी दूरी पर चलने वाली अपनी बसों में एक विशेष सेंसरयुक्त उपकरण लगाने की योजना बना रहा है जो ड्राइवर को नींद आने पर उसे सतर्क कर देगा. इसी सोमवार को उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेस वे पर एक सरकारी रोडवेज बस के सड़क हादसे का शिकार होने से 29 यात्रियों की मौत हो गई थी. इस घटना की जांच में यह पता चला था कि ड्राइवर को नींद आने के कारण यह हादसा हुआ था.

पीटीआई के मुताबिक भारत में पुणे की एक कंपनी इजराइल की तकनीक से यह उपकरण बना रही है और एक उपकरण की कीमत करीब 40,000 रुपये है. उत्तर प्रदेश रोडवेज चार बसों में यह उपकरण लगाकर इसका सफल परीक्षण कर चुका है. अब इस संबंधी प्रस्ताव रोडवेज के प्रबंध निदेशक को भेजा गया है. यहां से हरी झंडी मिलने के बाद इसे लंबी दूरी की सरकारी बसों में लगाया जाएगा.

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पल्लव बोस ने शुक्रवार को जानकारी दी है, ‘हमने चार उपकरण बुलवाए थे. दो उपकरण लखनऊ-नेपाल गंज बसों और दो लखनऊ-गोरखपुर की बसों में लगाए गए थे जो परीक्षण में पूरी तरह से सफल साबित हुए. इस उपकरण का प्रदर्शन हाल में उत्तर प्रदेश रोडवेज के प्रबंध निदेशक धीरेंद्र साहू के समक्ष किया गया था और वे इससे संतुष्ट हुए हैं. अब इस उपकरण को खरीदने का प्रस्ताव शासन को भेजा जायेगा.’

ये सेंसरयुक्त उपकरण बसों में चालक के सामने के डैश बोर्ड में लगाए जाएंगे. नींद आने के कारण जैसे ही ड्राइवर की पकड़ बस के स्टीयरिंग पर ढीली होगी, यह पहले बीप-बीप की आवाज और लाल बत्ती के साथ उसे चेतावनी देगा. यदि इसके बाद भी चालक की पकड़ स्टीयरिंग पर ढीली रही तो यह उपकरण धीरे-धीरे बस में ब्रेक लगा देगा.

बोस ने बताया है कि यह उपकरण सामने सड़क और ड्राइवर दोनों पर नजर रखेगा. नींद आने के अलावा यह तेज रफ्तार के साथ जबरन ओवरटेक करने पर भी ड्राइवर को अलर्ट करेगा.