राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव को झारखंड हाईकोर्ट ने चारा घोटाला के एक मामले में राहत देते हुए उन्हें जमानत दे दी है. खबरों के मुताबिक उन्हें यह जमानत देवघर कोषागार मामले में मिली है. हालांकि इस जमानत के बावजूद लालू प्रसाद यादव की रिहाई नहीं हो पाएगी क्योंकि उन्हें चाईबासा-दुमका कोषागार मामले में फिलहाल जमानत नहीं मिली है. बताया जाता है कि देवघर कोषागार मामले में मिली जमानत के आधार पर अब उनके वकील इस मामले में भी उन्हें जमानत दिलाने संबंधी याचिका दाखिल करेंगे.

900 करोड़ रुपये के चारा घोटाले मामले में दोषी पाए जाने के बाद लालू प्रसाद यादव को झारखंड में रांची की बिरसा मुंडा जेल भेज दिया गया था. लेकिन उनकी उम्र और उनके खराब स्वास्थ्य की वजह से राजद प्रमुख को मौजूदा समय में रांची के ही राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (रिम्स) में रखा गया है.

इससे पहले इस मामले में राहत पाने के लिए इसी साल अप्रैल में लालू प्रसाद यादव ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. तब उनके वकीलों ने शीर्ष अदालत के सामने उनके 24 महीने जेल में गुजारने का तर्क देते हुए उन्हें जमानत दिए जाने की अपील की थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस घोटाले के मामले में उन्हें 14 साल कैद की सजा सुनाई गई है. उस सजा की अवधि की तुलना में 24 महीने जेल में गुजारना कुछ भी नहीं है.