क्रिकेट विश्व कप में भारतीय टीम के प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) समीक्षा बैठक करेगी. खबरों के मुताबिक इस समीक्षा बैठक की जानकारी सीओए के अध्यक्ष विनोद राय ने दी है. एक बातचीत में उन्होंने कहा है, ‘टीम के कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री के ब्रेक से लौटने के बाद यह बैठक जरूर होगी. साथ ही हम चयन समिति से भी बात करेंगे.’ उन्होंने आगे कहा, ‘फिलहाल मैं इस बैठक की तारीख और वक्त नहीं बता सकता. लेकिन हम यह बैठक जरूर करेंगे.’ इसके साथ ही उनका यह भी कहना था, ‘भारत का अभियान अभी खत्म हुआ है. कहां, कब और कैसे, जैसे सवालों का जवाब मैं अभी नहीं दे सकूंगा.’

ऐसा माना जा रहा है कि इस समीक्षा बैठक में विश्व कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से भारत को मिली हार के कारणों पर विचार किया जाएगा. साथ ही आगामी श्रृंखलाओं सहित अगले साल होने वाले टी-20 विश्व कप की रणनीति को लेकर भी इसमें चर्चा की जाएगी.

इसके अलावा इस समीक्षा बैठक में विराट कोहली, रवि शास्त्री और एमएसके प्रसाद को कुछ सवालों के जवाब भी देने पड़ सकते हैं. जैसे कि इस प्रतियोगिता के लिए अंबाती रायुडू का चयन तय था. बाद में उनका नाम रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में डाल दिया गया. फिर दो खिलाड़ियों के चोटिल होने की स्थिति में भी उनका चयन क्यों नहीं किया गया. गौरतलब है कि विश्व कप प्र​तियोगिता के दौरान रायुडू ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी. तब उनके संन्यास को इस प्रतियोगिता में उन्हें शामिल न किए जाने से भी जोड़कर देखा गया था.

इसके अलावा जब टीम में पहले से ही तीन विकेटकीपर मौजूद थे तो उस स्थिति में दिनेश कार्तिक का चयन क्यों किया गया जबकि बीते काफी समय से वे फॉर्म में भी नहीं हैं. फिर सबसे बड़ा सवाल यह कि सेमीफाइनल मुकाबले में विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी को सातवें क्रम पर क्यों भेजा गया? बताया जाता है कि धोनी को इस इस क्रम पर बल्लेबाजी कराने की सलाह टीम के सहायक कोच संजय बांगड़ ने दी थी.

वहीं उस मैच में धोनी को निचले क्रम पर भेजने के फैसले की सचिन तेंदुलकर सहित सुनील गावस्कर जैसे दिग्गज क्रिकेटरों ने आलोचना की है. सुनील गावस्कर का कहना है कि धोनी अगर चौथे क्रम पर बल्लेबाजी करते तो मैच की तस्वीर कुछ दूसरी हो सकती थी. क्योंकि मैच में एक ऐसा मौका था जब हार्दिक पांड्या और ऋषभ पंत एक साथ बल्लेबाजी कर रहे थे. गावस्कर ने इन दोनों बल्लेबाजों को एक मिजाज का बताते हुए कहा कि ये दोनों बल्लेबाज आक्रामक है. वहीं ऋषभ पंत के साथ अगर धोनी क्रीज पर होते तो वे उन्हें संभलकर खेलने की सलाह दे सकते थे.