‘रेलवे का कोई निजीकरण कर ही नहीं सकता.’  

— पीयूष गोयल, रेल मंत्री

पीयूष गोयल ने यह बात लोकसभा में दिए अपने संबोधन के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए नई ट्रेनों का सपना नहीं दिखाया. इसके बजाय सरकार रेलवे में सुविधाएं और निवेश बढ़ाने पर ध्यान दे रही है.’ इसके साथ ही पीयूष गोयल का यह भी कहना था, ‘रेलवे के जरिये देश के बड़े हिस्से को जोड़ने के लिए निवेश की जरूरत है इसीलिए सरकार ने इसमें सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी) आमंत्रित करने का इरादा किया गया है.’

‘टीएमसी विधायकों को अपनी पिछली गलतियों के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए.’  

— ममता बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने यह बात पार्टी विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ हुई एक बैठक के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को पुराने लोगों को फिर से साथ लाने का प्रयास करना चाहिए.’ इसके साथ ही ममता बनर्जी ने विश्वास जताया कि 2021 में होने वाले पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) एक बार फिर से शानदार प्रदर्शन करेगी.’


‘बहुमत अब भी हमारे साथ है.’  

— एचडी कुमारस्वामी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री

एचडी कुमारस्वामी ने यह बात कर्नाटक के राजनीतिक संकट पर कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘मैं सदन में विश्वास मत सिद्ध करने के लिए तैयार हूं. मुझे सत्ता से चिपके रहने का शौक नहीं है.’ इसके अलावा उन्होंने अपनी सरकार को बचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ किसी तरह के गठजोड़ से भी इनकार किया है.


‘हम अपना वायुक्षेत्र तभी खोलेंगे जब भारत अपने अग्रिम एयरबेस से लड़ाकू विमान हटा लेगा.’  

— शाहरुख नुसरत, पाकिस्तान के विमानन सचिव

शाहरुख नुसरत ने यह बात पाकिस्तान की एक संसदीय समिति को जानकारी देते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘वायुक्षेत्र खोलने के लिए भारत सरकार ने हमसे (पाकिस्तान सरकार) संपर्क किया था. लेकिन हमने अपनी शर्त उनके सामने रख दी थी.’ इससे पहले बीती फरवरी में भारतीय वायु सेना की ‘एयर स्ट्राइक’ के मद्देनजर पाकिस्तान ने 26 फरवरी को अपना हवाईक्षेत्र पूरी तरह से बंद कर दिया था.


‘महेंद्र सिंह धोनी को ऊपरी क्रम पर भेजना चाहिए था.’  

— सुनील गावस्कर, पूर्व क्रिकेटर

सुनील गावस्कर ने यह बात क्रिकेट विश्व कप प्रतियोगिता में भारत-न्यूजीलैंड के बीच हुए सेमीफाइनल के नतीजे पर कही. उन्होंने कहा, ‘जब भारत ने 24 के स्कोर पर चार विकेट गंवा दिए थे तो उस वक्त ऋषभ पंत और हार्दिक पंड्या क्रीज पर थे. ये दोनों एक मिजाज वाले आक्रामक खिलाड़ी हैं. उस वक्त महेंद्र सिंह धोनी अगर विकेट पर होते तो अपने अनुभव के आधार पर वे उनमें से एक को संयमित होकर खेलने की सलाह दे सकते थे.’ सुनील गावस्कर ने आगे कहा, ‘पंत और पंड्या दोनों ही गैर जिम्मेदाराना शॉट खेलकर आउट हुए जो उस मैच में भारत को भारी पड़ गया.’