अमेरिकी फेडरल ट्रेड कमीशन (एफटीसी) ने सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक पर पांच अरब डॉलर के जुर्माने को मंजूरी दे दी है. कंपनी पर यह जुर्माना निजता से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने के लिए लगाया गया है. फेसबुक के यह रकम चुकाते ही यह मामला खत्म हो जाएगा. एफटीसी ने अपनी जांच तब शुरू की थी जब डेढ़ साल पहले केंब्रिज एनालिटिका प्रकरण सुर्खियों में आया. ब्रिटेन की इस कंपनी पर आरोप है कि उसने फेसबुक के पांच करोड़ यूजर्स से जुड़ी जानकारियां अवैध तरीके से हासिल की थीं. इनमें साढ़े पांच लाख से ज्यादा भारतीय भी हैं.
केंब्रिज एनालिटिका पर इन जानकारियों का इस्तेमाल कर कई देशों के चुनावों को प्रभावित करने का आरोप है. इनमें भारत भी शामिल है. कुछ समय पहले फेसबुक के मुखिया मार्क जुकरबर्ग ने डेटा लीक की बात मानते हुए यूजर्स से माफी भी मांगी थी. इस मामले की भारत में भी जांच चल रही है. पांच अरब डॉलर की रकम को देखें तो यह एफटीसी द्वारा किसी टेक्नॉलजी कंपनी पर लगाया गया सबसे भारी जुर्माना है. हालांकि 2018 में 56 अरब डॉलर की कमाई करने वाले फेसबुक के लिए यह रकम खास बड़ी नहीं कही जा सकती. फेसबुक ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है. हालांकि बीते अप्रैल में उसने कहा था कि उसे मामला सेटल करने के लिए पांच अरब डॉलर देने पड़ सकते हैं.
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