श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा है कि वे ईस्टर संडे के दिन हुए आतंकी हमले की जांच कर रही संसदीय समिति के सामने पेश होंगे. रानिल विक्रमसिंघे के मुताबिक वे इस आतंकवादी हमले से जुड़ी जो जानकारी उनके पास है, वह संसदीय समिति को मुहैया कराएंगे.

श्रीलंका के प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी तब की जब संसद में उनकी सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गुरुवार को गिर गया. इसमें आरोप लगाया गया था कि सरकार को भारत से इस हमले को लेकर खुफिया जानकारी मिली थी पर वह ईस्टर के दिन हुए इस हमले को रोकने में विफल रही. इस प्रस्ताव को देश के मुख्य विपक्षी दल मार्क्सवादी जनाथा विमुक्ति पेरामुना ने रखा था. दो दिन की बहस के बाद यह प्रस्ताव 92 के मुकाबले 119 मतों से गिर गया था.

पीटीआई ने स्थानीय मीडिया संस्थान ‘द टाइम्स ऑनलाइन’ के हवाले से बताया है कि विक्रमसिंघे ने एक बयान में कहा कि सरकार हमले के पीछे के सच का पता लगायेगी. इसके साथ ही उनका कहना था कि सरकार देश के पर्यटन उद्योग को पुनर्जीवन देने के लिए आवश्यक कदम उठायेगी. इस हमले की वजह से देश का पर्यटन उद्योग खासा प्रभावित हुआ है.

इसी साल 21 अप्रैल को श्रीलंका के अलग-अलग शहरों के चर्च और होटलों में आतंकवादियों ने आत्मघाती बम धमाके किए थे. इस आतंकी हमले में 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और 500 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी. हालांकि श्रीलंका सरकार के मुताबिक यह हमला स्थानीय आतंकी संगठन नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) ने किया था और इसमें उसे विदेशी आतंकी संगठनों से भी मदद मिली थी.