कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष केआर रमेश कुमार द्वारा विधायकों का इस्तीफा स्वीकार न करने का मुद्दा शनिवार को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. खबरों के मुताबिक इस संबंध में कांग्रेस के पांच बागी विधायकों ने शीर्ष अदालत में एक संयुक्त याचिका दाखिल की है. याचिका लगाने वाले विधायकों में आनंद सिंह, एन नागराज, डॉक्टर के सुधाकर, मणिरत्न और रोशन बेग शामिल हैं. इस तरह शीर्ष अदालत के समक्ष ऐसी अपील करने वाले कर्नाटक के बागी विधायकों की संख्या अब 15 हो गई है.

इससे पहले इसी हफ्ते कांग्रेस-जनता दल सेक्यूलर (जेडीएस) के दस बागी विधायकों ने इसी मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. तब सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उस पर सुनवाई की थी साथ ही 16 जुलाई तक यथास्थिति बरकरार रखने का फैसला सुनाया था. उधर, सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बहुमत उनके साथ होने की बात दोहराई थी. साथ ही विश्वास मत प्रस्ताव पेश करने की अनुमति मांगी थी.

बताया जाता है कि एचडी कुमारस्वामी के उस बयान के बाद कांग्रेस ने बागी विधायकों को मनाने के लिए उनके साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस क्रम में राज्य के उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने आज सुबह एन नागराज से मुलाकात की. इसके साथ ही रोशन बेग, मणिरत्न और रामलिंगा रेड्डी को मनाने की कोशिश किए जाने संबंधी खबरें भी आई हैं. इन मुलाकातों को देखते हुए कांग्रेस ने उम्मीद जताई है कि उसके बागी विधायक अपने इस्तीफे वापस ले लेने पर विचार करेंगे.

इस दौरान कर्नाटक के ताजा राजनीतिक घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और वहां के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येद्दियुरप्पा का बयान भी आया है. उन्होंने कहा है, ‘हमें विश्वास मत प्रस्ताव से कोई दिक्कत नहीं है. हम सोमवार तक का इंतजार कर रहे हैं.’ इसके साथ उन्होंने यह भी कहा, ‘विश्वास मत प्रस्ताव के लिए हम तैयार हैं.’ इससे पहले इसी हफ्ते कर्नाटक के राजनीतिक संकट को देखते हुए येद्दियुरप्पा ने कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री पद छोड़ने की सलाह दी थी. साथ ही यह भी कहा था कि उनके साथ बहुमत नहीं है ऐसे में उन्हें भाजपा के लिए सरकार बनाने का रास्ता खाली करना चाहिए.