‘मॉब लिंचिंग के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर कानून बनना चाहिए’  

— मायावती, बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष

मायावती ने यह बात एक बयान जारी करके कही. इसी बयान में उन्होंने यह भी कहा है, ‘मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा हिंसा) देश में एक भयानक बीमारी का रूप ले चुकी है. इसकी वजह से जिंदगियों का नुकसान एक गंभीर मुद्दा है.’ इसके साथ ही मायावती का यह भी कहना था, ‘आज दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यकों के साथ सर्वसमाज और पुलिस को भी निशाना बनाया जा रहा है. लेकिन दुख की बात है कि केंद्र और राज्य सरकारें इसके प्रति गंभीर रुख नहीं अपना रहीं.’

‘लद्दाख में चीनी सैनिक घुसपैठ के लिए नहीं आए थे.’  

— जनरल बिपिन रावत, थलसेना के अध्यक्ष

जनरल बिपिन रावत ने यह बात एक कार्यक्रम के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘चीन के सैनिक वास्तविक नियं​त्रण रेखा पर आते हैं और वहां गश्त करते हैं.’ इसके साथ ही जनरल बिपिन रावत ने यह भी कहा, ‘बीते दिनों डेमचोक सेक्टर में हमारी सीमा की तरफ कुछ तिब्बती जश्न मना रहे थे. तब कुछ चीनी सैनिक यह देखने आए थे कि वहां क्या हो रहा है.’ इससे पहले इसी शुक्रवार को डेमचोक सेक्टर में चीनी सैनिकों की तरफ से घुसपैठ किए जाने संबंधी खबरें आई थीं.


‘बढ़ती असहिष्णुता अगर दूर नहीं की गई तो यह देश के आर्थिक विकास को प्रभावित करेगी.’  

— आदि गोदरेज, उद्योगपति

आदि गोदरेज ने यह बात मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान दिए अपने संबोधन में कही. इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक अस्थिरता, घृणा-अपराध, जाति-धर्म पर आधारित हिंसा को भी विकास के लिए खतरा भी बताया. उन्होंने कहा, ‘हमें उन प्रवृत्तियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए जो हमें अपनी क्षमताओं का पूरा दोहन करने से रोकती हैं.’ इस मौके पर ‘नए भारत’ की परिकल्पना को लेकर आदि गोदरेज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई भी दी. साथ ही कहा, ‘हम ऐसे भारत की उम्मीद करते हैं, जहां भय और संदेह का माहौल न हो.’


‘कश्मीर के मुस्लिम बहुल इलाकों में विस्थापित हिंदुओं को दोबारा बसाया जाएगा.’  

— राम माधव, भारतीय जनता पार्टी के नेता

राम माधव ने यह बात एक इंटरव्यू के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘कश्मीर में हिंदुओं के खिलाफ ​हथियारबंद विद्रोह की शुरुआत 1989 से हुई थी. इस वजह से करीब दो-तीन लाख पंडितों को घाटी छोड़नी पड़ी थी.’ इसके साथ ही राम माधव ने यह भी कहा, ‘हिंदुओं की घर वापसी उनका मौलिक अधिकार है जिसका सरकार की तरफ से सम्मान किया जाएगा. इसके अलावा घाटी लौटने वाले हिंदुओं को पूरी सुरक्षा भी मुहैया कराई जाएगी.’


‘महेंद्र सिंह धोनी को सातवें क्रम पर बल्लेबाजी के लिए उतारना पूरी टीम का फैसला था.’  

— रवि शास्त्री, भारतीय क्रिकेट टीम के कोच

रवि शास्त्री ने यह बयान क्रिकेट विश्व कप में भारत-न्यूजीलैंड के बीच हुए सेमीफाइनल मैच पर दिया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘यह एक सीधा-सा फैसला था. अगर महेंद्र सिंह धोनी जल्दी खेलने आते और दुर्भाग्यवश आउट हो जाते तो उस लक्ष्य का पीछा करने की हर संभावना खत्म हो जाती.’ इससे पहले धोनी को उस मैच में निचले क्रम पर खिलाने के फैसले की सचिन तेंदुलकर और सुनील गावस्कर जैसे पूर्व क्रिकेटरों ने कड़ी आलोचना की थी.