भारी मंदी के दौर से गुज़र रहे भारतीय ऑटोसेक्टर के लिए फिलहाल कोई राहत नज़र नहीं आ रही है. बाज़ार में 50 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति-सुज़ुकी ने अपने वाहनों के उत्पादन में जबरदस्त कटौती की है. जानकारी के अनुसार जून-2019 में मारुति-सुज़ुकी के यात्री वाहनों के उत्पादन में 15.6 फीसदी की गिरावट दर्ज़ की गई है.

कंपनी की कुछ ऐसी ही स्थिति बिक्री के मामले में भी है. बीते जून में मारुति की सिर्फ़ 1,10,641 यूनिट गाड़ियां बेची गईं जो जून-2018 के मुकाबले 17.2 प्रतिशत कम थीं. ख़बरें बताती हैं कि बिक्री के मोर्चे पर मारुति-सुज़ुकी को सबसे बड़ा झटका अपनी छोटी गाड़ियों की तरफ़ से मिला है. इनमें ऑल्टो, वैगन-आर, स्विफ्ट, डिज़ायर और बलेनो जैसी कारें शामिल हैं जो अपने-अपने सेगमेंट में सर्वाधिक बिक्री के लिए जानी जाती हैं. जून-2019 में मारुति इस सेगमेंट की 18,733 गाड़ियां ही बेच पाई जो कि जून-2018 में बिकी 29,381 यूनिट के मुकाबले 36.24 प्रतिशत कम है.

बिक्री में आई इस कमी को देखते हुए मारुति ने मिनी सेगमेंट के उत्पादन को 48.2 प्रतिशत तक घटा दिया है. इसके अलावा कंपनी ने अपने यूटिलिटी व्हीकल के उत्पादन में 5.26 प्रतिशत की कमी की है जिनमें विटारा ब्रेज़ा, अर्टिगा, एस-क्रॉस जैसे वाहन शामिल हैं. हालांकि इस दौरान मारुति-सुज़ुकी को अपनी प्रीमियम सेडान सिआज़ से बड़ी राहत मिली है. जून-2019 में सिआज़ की बिक्री में रिकॉर्ड 47.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसके बावजूद कंपनी ने इस कार के भी उत्पादन को कम करने का फैसला लिया है.

जानकारों के मुताबिक ऑटोसेक्टर में आ रही इस मंदी के पीछे जीएसटी और ईंधन की बढ़ती दरें, 2030 तक पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों पर निर्भर होने के ऐलान और ईंधन उत्सर्जन से जुड़े बीएस-6 मानक का लागू होना प्रमुख कारण हैं.

ह्युंडई की पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी ‘कोना’ लॉन्च

दक्षिण कोरियाई ऑटोमोबाइल कंपनी ह्युंडई ने भारत में अपनी पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी ‘कोना’ लॉन्च कर दी है. साइज़ और स्पेस के मामले में ह्युंडई की यह नई कॉम्पैक क्रॉसओवर कंपनी की लोकप्रिय कॉम्पैक एसयूवी क्रेटा जैसी ही है. लुक्स की बात करें तो कोना के फ्रंट में पतले एलईडी डे-टाइम रनिंग लाइट्स से लैस हैडलैंप्स मिलते हैं जो हाल ही में लॉन्च हुई कंपनी की सबकॉम्पैक एसयूवी वैन्यू की तरह बोनट के ठीक नीचे होने की बजाय बंपर पर दिए गए हैं. इनके साथ दिया गया सिंगल पीस बंपर बॉडी कलर का है जिस पर ह्युंडई की सिग्नेचर कैस्केडिंग ग्रिल लगी है.

ह्युंडई ने कोना को वैश्विक स्तर पर दो इलेक्ट्रिक वेरिएंट- 39.2 और 64 किलोवाट ऑवर (केडब्ल्यूएच) क्षमता की बैटरी के साथ पेश किया है. इनमें से भारत में कोना का 39.2 केडब्ल्यूएच वर्ज़न लॉन्च किया गया है जो 131 बीएचपी की अधिकतम पॉवर के साथ 395 एनएम का टॉर्क पैदा करता है. रफ़्तार के मामले में कोना महज़ 9.7 सेकंड में ही 0-100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ने में सक्षम है.

कार में लगी बैटरी को फुल चार्ज करने में 7 से 8 घंटे का समय लगेगा. लेकिन यदि फास्ट चार्जर की मदद ली जाए तो 80 प्रतिशत बैटरी महज एक घंटे में चार्ज की जा सकती है. ऑटोमोटिव रिसर्च एसोशिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) के मुताबिक कोना को सिंगल चार्ज में 452 किलोमीटर तक चलाया जा सकता है. ह्युंडई का दावा है कि कोना की प्रति किलोमीटर लागत 1 रुपए से भी कम है. जानकारों के मुताबिक इंजन न होने की वजह से कोना का मेंटनेंस भी काफी कम रहेगा.

कोना के साथ ह्युंडई अपने ग्राहकों को पोर्टेबल चार्जर और एसी वॉल बॉक्स चार्जर उपलब्ध कराती है. इस पोर्टेबल चार्जर से कार की को किसी भी थ्री-पिन 15 एम्पियर सॉकेट से चार्ज किया जा सकता है. तकरीबन एक घंटे में होने वाले इस टॉप अप की मदद से कोना तीन घंटे के भीतर 50 किलोमीटर तक चलाई जा सकती है. कोना खरीदते वक़्त ह्युंडई डीलरशिप पर चार्जर इंस्टॉल करने से जुड़ी पूरी जानकारी डेमो के साथ ग्राहकों को दी जाएगी.

कोना के इंटीरियर की बात करें तो ह्युंडई ने कार के केबिन को बड़ा जाना-पहचाना सा बनाया है. कार में तीन ड्राइविंग मोड - ईको, कम्फर्ट और स्पोर्ट विकल्प के तौर पर दिए गए हैं. फीचर्स के लिहाज से कोना में फ्लोटिंग 8-इंच हैड्स-अप टच स्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है जो एपल कारप्ले और एंड्राइड ऑटो को सपोर्ट करता है. इसके अलावा कार में लेदर सीट्स, डिजिटल इंस्ट्रुमेंट कंसोल, इलेक्ट्रिक सनरूफ, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, 10-वे अडज्स्टेबल ड्राइवर सीट और इलेक्ट्रिक पार्किंग ब्रेक्स जैसे कई और फीचर्स दिए गए हैं.

सुरक्षा की बात करें तो कोना के साथ 6-एयरबैग्स, एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस) के साथ इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक फोर्स डिस्ट्रिब्यूशन (ईबीडी), इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ईएससी), व्हीकल स्टेबिलिटी मैनेजमेंट (वीएसएम), हिल असिस्ट कंट्रोल (एचएसी) और सभी व्हील्स में डिस्क ब्रेक्स मिलते हैं. ह्युंडई, कोना के भारतीय मॉडल को पूरी तरह अपने चेन्नई प्लांट में तैयार करेगी. कंपनी ने अपनी इस पेशकश के लिए 25 लाख 30 हजार रुपए शुरुआती एक्सशोरूम कीमत तय की है.

रेनो डस्टर का नया अवतार

फ्रेंच ऑटोमोबाइल कंपनी रेनो ने भारत में अपनी लोकप्रिय सबकॉम्पैक एसयूवी डस्टर का नया अवतार लॉन्च कर दिया है. यह भारत में रेनो का दूसरा बड़ा फेसलिफ्ट है. रेनो डस्टर उन शुरुआती कारों में से थी जिनकी मदद से सबकॉम्पैक एसयूवी सेगमेंट भारतीय ग्राहकों के दिलोदिमाग पर तेजी से छाने लगा था. लेकिन फिर दौड़ में कई धुरंधरों के शामिल हो जाने से डस्टर कहीं पिछड़ती सी चली गई. अब नई डस्टर के साथ रेनो को सेगमेंट में अपना पुराना मुकाम हासिल करने की उम्मीद है. रेनो ने डस्टर-2019 के लिए शुरुआती एक्सशोरूम कीमत 7.99 लाख रुपए तय की है जो कार के टॉप मॉडल के लिए 12.49 लाख रुपए तक जाती है.

नई डस्टर में मिलने वाले प्रमुख बदलावों की बात करें तो इसके फ्रंट में थ्री-स्लेट क्रोम वाली बिल्कुल नई ट्राई-विंग्ड फुल क्रोम ग्रिल है. यह ग्रिल डस्टर के यूरो-स्पेक वाले मॉडल से ली गई है. इसके अलावा डस्टर के हेडलैंप्स को पूरी तरह बदल दिया गया है जो प्रोजेक्टर बीम के साथ एलईडी डीआरएल से लैस हैं. इसके अलावा रेनो ने डस्टर में नए डुअल टोन फ्रंट बंपर दिए हैं जो कि मस्क्युलर स्किड प्लेट और फॉग लैंप के साथ इस कार को फ्रेश अपील देते हैं.

यदि लुक्स से जुड़े अन्य बड़े बदलावों की बात करें तो इनमें 16-इंच के एवरेस्ट डायमंड कट अलॉय व्हील, कायाक (सी-सर्फिंग के काम आने वाली छोटी नाव) रूफ रेल्स, बॉडी कलर्ड ओआरवीएम, मैट ब्लैक टेल गेट और वॉटरफॉल एलईडी टेल लैंप्स प्रमुख हैं. रेनो ने नई डस्टर को दो कलर ऑप्शन- कैस्पिअन ब्लू और महोगनी ब्राउन के साथ लॉन्च किया है.

रेनो ने नई डस्टर के इंटीरियर में भी कई कॉस्मेटिक अपडेट दिए हैं. कार में दी जाने वाली नई मिडनाइट इंटीरियर थीम इनमें प्रमुख है. इसके अलावा कार का डैशबोर्ड भी पहले से बिल्कुल नया नज़र आता है. यहां आपको थ्री-स्पोक स्टीयरिंग व्हील मिलता है जो म्यूज़िक के लिए सॉफ्ट-टच बटन, टेलिफोन और क्रूज़ कंट्रोल जैसे फीचर्स के साथ आता है. रेनो ने अपनी इस सबकॉम्पैक एसयूवी में नया सेंट्रल कंसोल दिया है जिसके दोनों तरफ ग्लॉसी सिल्वर इंसर्ट और नए सेंट्रल एयर-कोन वेंट्स के साथ क्रोम बेज़ल्स दिए गए हैं. कार में मल्टी-इन्फॉर्मेशन डिस्प्ले के साथ 7-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेमेंट सिस्टम दिया गया है जो एपल कारप्ले, एंड्रॉइड ऑटो, वॉइस रिकग्निशन और ईकोगाइड जैसी तकनीक से लैस है.

फीचर्स के लिहाज से डस्टर फेसलिफ्ट में फुली ऑटोमेटिक क्लाइमेट कंट्रोल, इलुमिनेटेड और कूल्ड ग्लवबॉक्स मिलते हैं. वहीं, सुरक्षा के मामले में नई डस्टर भारत न्यू व्हीकल सेफ्टी असेसमेंट प्रोग्राम (बीएनसीएपी) के फ्रंट, साइड और पेडेस्ट्रियन क्रैश नॉर्म्स पर खरी उतरती है. इसके अलावा कार में एएबीएस के साथ ईबीडी, ड्राइवर और पैसेंजर साइड एयरबैग्स, रियर पार्किंग सेंसर, सीटबेल्ट रिमाइंडर और स्पीड अलर्ट स्टैंडर्ड फीचर के तौर पर हैं. कार में रिवर्स पार्किंग कैमरा, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ईएसपी) और हिल-स्टार्ट असिस्ट (एचएसए) जैसे फीचर्स वैकल्पिक तौर पर उपलब्ध कराए गए हैं. रेनो डस्टर सेगमेंट की पहली एसयूवी है जिसके साथ ऑल व्हील ड्राइव सिस्टम दिया गया है.

परफॉर्मेंस के मामले में रेनो ने डस्टर-2019 में समान 1.5-लीटर क्षमता के पेट्रोल और डीज़ल इंजन विकल्प के तौर पर दिए हैं. कार का पेट्रोल इंजन 105 बीएचपी पॉवर और 142 एनएम पीक टॉर्क पैदा करता है जिसे 5-स्पीड मैनुअल और ऑप्शनल सीवीटी ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन बॉक्स से जोड़ा गया है. वहीं, कार का डीज़ल इंजन दो ट्यूनिंग के साथ आता है और 84 बीएचपी और 108 बीएचपी पॉवर के साथ 200 एनएम और 245 एनएम का पीक टॉर्क पैदा करने में सक्षम है. इसके 84 बीएचपी पॉवर वाले इंजन को सामान्य 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स और 108 बीएचपी पॉवर वाले इंजन को 6-स्पीड मैनुअल और वैकल्पिक रूप से एएमटी गियरबॉक्स से लैस किया गया है.