भारत के महत्वाकांक्षी अभियान चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग रोक दी गई है. लॉन्चिंग सिस्टम में एक तकनीकी दिक्कत के चलते यह फैसला किया गया है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक बयान जारी करके यह जानकारी दी है और यह भी बताया है कि चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग की नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी.

इसरो की तरफ से जारी इस बयान में कहा गया है, ‘उल्टी गिनती के 56वें मिनट के दौरान लॉन्च व्हीकल सिस्टम में एक तकनीकी दिक्कत का पता चला. इसके बाद सतर्कता बरतते हुए हमने आज लॉन्च होने वाले चंद्रयान-2 मिशन को यहीं रोकने का फैसला किया है. लॉन्चिंग की नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी.’

चंद्रयान-2 की उल्टी गिनती रविवार को शुरू हो गई थी और इसे रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात 2 बजकर 51 मिनट पर लॉन्च किया जाना था. चंद्रयान- 2 को सतीश धवन स्पेस सेंटर से जीएसएलवी मार्क- 3 रॉकेट के जरिए रवाना किया जाता.

चंद्रयान-2 क्या है

3.8 टन का चंद्रयान-2 एक अंतरिक्ष यान है. इसे ले जाने वाले रॉकेट को ‘बाहुबली’ उपनाम दिया गया है. अगर सबकुछ सही रहता तो आज अपनी उड़ान के लगभग 16 मिनट बाद यह रॉकेट चंद्रयान-2 को पृथ्वी की एक कक्षा में छोड़ देता. इसके बाद इस यान की चंद्रमा की तरफ यात्रा शुरू होती.

चंद्रयान-2 के तीन मॉड्यूल्स (सबसे अहम हिस्से) हैं - लैंडर, ऑर्बिटर और रोवर. इसके लैंडर का नाम है- विक्रम और रोवर का नाम है- प्रज्ञान. इस अभियान के तहत लैंडर रोवर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतारेगा और इसके जरिए जरूरी अध्ययन किए जाएंगे. वहीं लैंडर और ऑर्बिटर के माध्यम से इसरो रोवर के साथ संपर्क में रहेगा.

चंद्रयान-2 दस साल के भीतर भारत का चंद्रमा पर भेजा जाने वाला दूसरा अभियान है. इससे पहले भारत ने अक्टूबर 2008 में चंद्रयान-1 चंद्रमा की कक्षा में भेजा था. चंद्रयान-2 की सफलता के साथ ही भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद धरती के इस उपग्रह पर अंतरिक्ष यान उतारने वाला चौथा देश बन जाएगा.