इंग्लैंड ने क्रिकेट विश्व कप- 2019 का खिताब अपने नाम कर लिया है. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. रविवार को इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा. न्यूजीलैंड के 241 रन के जवाब में उतरी इंग्लैंड की पूरी टीम भी इतने ही रन बना पाई. इसके बाद मैच का नतीजा निकालने के लिए सुपर ओवर करवाया गया. हालांकि, सुपर ओवर भी टाई हो गया. इसके बाद इस मैच में लगाए गए चौकों के आधार पर इंग्लैंड को आखिरकार विजेता घोषित किया गया. इंग्लैंड ने इस मैच में कुल 24 चौके लगाए. दूसरी ओर, कीवी टीम के लिए यह आंकड़ा केवल 14 था. आईसीसी के नियम के मुताबिक किसी खिताबी मुकाबले में सुपर ओवर टाई होने की स्थिति में मैच में ज्यादा चौके लगाने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाता है.

सुप्रीम कोर्ट के 31 जजों में से केवल सात ने अपनी संपत्तियों का ब्योरा सार्वजनिक किया

सुप्रीम कोर्ट के 31 जजों में से केवल सात ने अपनी संपत्ति और दायित्वों की जानकारी को सार्वजनिक किया है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक साल 2009 में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन ने इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया था. इसमें कहा गया गया था कि न्यायाधीश अपनी संपत्तियों का ब्योरा सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर डालें. हालांकि, इसे स्वैच्छिक विकल्प रखा गया था. बताया जाता है कि शीर्ष अदालत में यह प्रस्ताव दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के बाद आया था. इस फैसले में अदालत ने न्यायाधीशों को अपनी संपत्तियों का ब्योरा सार्वजनिक करने का आदेश दिया था. इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी. बीते अप्रैल में इस मामले की सुनवाई कर रही संवैधानिक पीठ ने इस पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

प्रियंका गांधी वाड्रा को पूरे उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को पूरे राज्य की जिम्मेदारी दे दी गई है. इससे पहले वे पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी थीं. राजस्थान पत्रिका की खबर के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष पद से राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद पार्टी में पुनर्गठन की प्रक्रिया चल रही है. बताया जाता है कि इसके तहत ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी अपने पद से इस्तीफा दिया है. अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि पार्टी का नया अध्यक्ष तय होने के बाद करीब सभी राज्यों के संगठन में बदलाव होंगे.

बीपीएससी की परीक्षा में राज्यपाल को लेकर पूछे गए सवाल पर विवाद

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की मुख्य परीक्षा में राज्यपाल को लेकर पूछा गया एक सवाल विवादों में घेरे में आ गया है. दैनिक जागरण के मुताबिक रविवार को सामान्य ज्ञान के दूसरे प्रश्नपत्र में सवाल था- ‘भारत में राज्य की राजनीति में राज्यपाल की भूमिका का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए, विशेष रूप से बिहार के संदर्भ में. क्या वह केवल एक कठपुतली है?’ इस सवाल को लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं के जानकार डॉ. एम रहमान का कहना है कि कई बार परीक्षार्थियों की अवधारणा को जानने के लिए इस तरह के सवाल पूछे जाते हैं. हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि सवाल में बिहार और कठपुतली जैसे शब्द के इस्तेमाल से बचा जा सकता था. वहीं, कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस के प्राचार्य डॉ. तपन कुमार शांडिल्य ने कहा, ‘राज्यपाल एक संवैधानिक पद है और बीपीएससी की ओर से इस तरह का सवाल पूछना गलत है.’ उधर, आयोग के परीक्षा नियंत्रक अमरेंद्र कुमार का कहना है, ‘इस तरह के प्रश्न पहले भी पूछे जाते रहे हैं. इसमें कुछ गलत नहीं है. वैसे भी हम प्रश्न पहले नहीं देख सकते.’

करतारपुर साहिब के लिए श्रद्धालुओं को वीजा मुक्त प्रवेश देने के लिए पाकिस्तान तैयार

पाकिस्तान करतारपुर गुरुद्वारा साहिब के लिए श्रद्धालुओं को वीजा मुक्त प्रवेश देने के लिए तैयार हो गया है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक इसके तहत भारतीय पासपोर्ट और ओसीआई (ओवरसीज इंडियन) कार्ड धारकों को हफ्ते में सभी दिन यह सुविधा दी जाएगी. इसके अलावा दोनों देशों के बीच प्रतिदिन 5,000 और विशेष मौके पर 10,000 तीर्थयात्रियों को प्रवेश देने को लेकर सहमति बनी है. श्रद्धालु अकेले या फिर समूह में यात्रा कर सकते हैं. बताया जाता है कि गलियारे का उद्घाटन पाकिस्तान की ओर से प्रधानमंत्री इमरान खान और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा कर सकते हैं.

दलाई लामा के उत्तराधिकारी के फैसले पर भारत के दखल को लेकर चीन की चेतावनी

आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के उत्तराधिकारी के चयन को लेकर चीन ने भारत को चेतावनी दी है. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक चीन ने कहा है कि इस पर कोई भी फैसला देश के भीतर होना चाहिए और इसमें भारत के किसी भी तरह के दखल का असर द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ेगा. हालांकि, दलाई लामा कई बार खुद कह चुके हैं कि उनके उत्तराधिकारी का फैसला भारत में ही होगा. इस पर चीन ने आपत्ति जाहिर की थी. वहीं, चीनी अधिकारियों का कहना है कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी को चीन की मान्यता मिलनी चाहिए. साथ ही, उनका चयन 200 साल पुरानी ऐतिहासिक प्रक्रिया के तहत होना चाहिए.