कल हुए क्रिकेट विश्व कप के फाइनल मैच को लेकर सोशल मीडिया पर आज भी बहस जारी है. इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच हुआ यह मैच टाई हो गया था. इसके बाद जब सुपरओवर खेला गया तो उसमें भी दोनों टीमों ने बराबर का स्कोर किया लेकिन अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के नियम के मुताबिक ज्यादा चौके मारने वाली टीम इंग्लैंड को विश्व कप विजेता घोषित कर दिया गया. सोशल मीडिया में ज्यादातर लोगों ने इस नियम के चलते आईसीसी को जमकर कोसा है और कई मजेदार प्रतिक्रियाएं की हैं. कुछ ऐसी ही प्रतिक्रियाएं :

आलोक कुमार | @AlokKum84822620

आईसीसी के मुताबिक सौ-सौ के पांच नोट पांच सौ के एक नोट से ज्यादा कीमती होते हैं.

मेघराज सिंह |‏ @icameghraj

अगर विश्व कप के फाइनल में ये हो सकता है, तो मेरे ख्याल से एक दिन यह नियम भी बनेगा कि जो टीम ज्यादा चौके मारेगी वह जीत जाएगी, भले ही उसने सामने वाली टीम से ज्यादा रन बनाए हों या नहीं.

अमन सिंह | @amansingh4ever

यहां तक कि गली क्रिकेट में भी आईसीसी से बेहतर नियम होते हैं.

सत्यजीत | @Satyaji30322170

उन सबके लिए जो गलत नियमों के लिए आईसीसी को कोस रहे हैं :

प्रवीण शर्मा | @un_root

अगर चौकों की संख्या भी बराबर आती तो दसवीं या बारहवीं के नंबरों से तय होता कि क्रिकेट का विश्व विजेता कौन बनेगा.

राजा राहुल | @Rajarahulsingh

नियम खेल की मूल भावना (जहां सबको बराबरी के मौके मिलते हैं) को मजबूत करने के लिए बनाए जाते हैं, इसे कमजोर करने के लिए नहीं. इस बात का क्या मतलब है कि जो टीम ज्यादा चौके मारेगी वह मैच जीतेगी. यह विश्वकप का फाइनल था, गली-मोहल्ले का कोई मैच नहीं.

सैय्यद अर्सलान | @SyedArs33364238

46 दिन में 48 मैच कराए गए. इसके बाद विश्व विजेता का फैसला इससे करना कि किस टीम ने ज्यादा चौके मारे, बेमतलब है.