पूर्वोत्तर और बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ से स्थिति गंभीर होती जा रही है. पीटीआई के मुताबिक इसकी वजह से मरने वालों की संख्या 44 हो चुकी है. इसके अलावा बाढ़ से करीब 70 लाख लोग प्रभावित हैं.

असम के 33 में से 30 जिलों के करीब 43 लाख लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं. वहां इस आपदा ने 15 लोगों की जान भी ले ली है. राज्य में ब्रह्मपुत्र का जलस्तर खतरे के निशान से पार चला गया है. असम का मशहूर काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान लगभग पूरी तरह पानी में डूब गया है. पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य और मानस राष्ट्रीय उद्यान भी जलमग्न हैं. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से सोमवार को फोन पर बात की और राज्य में बाढ़ के हालात के बारे में जानकारी ली.

पीटीआई
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पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों पर भी बाढ़ की मार पड़ी है. मिज़ोरम में खतलंगतुईपुई नदी में बाढ़ आने की वजह से 32 गांव प्रभावित हुए हैं और कम से कम एक हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है. वर्षा संबंधित घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई है. मेघालय में पिछले सात दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से दो नदियों में बाढ़ आ गई है जिनका पानी पश्चिम गारो हिल्स जिले के मैदानी इलाकों में घुस गया है. इससे कम से कम 1.14 लाख लोग प्रभावित हैं. हालांकि त्रिपुरा में बाढ़ के हालात में सुधार के संकेत मिले हैं क्योंकि दो नदियों में पानी घटना शुरू हो गया है.

उधर, बिहार में बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या 24 हो गई है. पड़ोसी देश नेपाल में मूसलाधार बारिश के बाद राज्य के 12 जिलों में आई बाढ़ की वजह से 25.66 लाख लोग प्रभावित हैं. पूर्वी चंपारण जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में पांच और बच्चे डूब गए हैं.

बाढ़ के बीच राहत और बचाव कार्य भी जारी हैं. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 119 टीमों को असम और बिहार समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है. इन क्षेत्रों पर करीब से निगाह रखने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में एक 24x7 नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है.