मुंबई में एक चार मंजिला इमारत ढहने से मरने वालों का आंकड़ा 14 तक पहुंच गया है. खबरों के मुताबिक मलबे में अब भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है. यह हादसा कल मुंबई के भीड़भाड़ वाले डोंगरी इलाके में हुआ. एनडीआरएफ की तीन टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं. इस काम में स्थानीय लोग भी उनकी मदद कर रहे हैं. अभी तक नौ लोगों को मलबे से जीवित निकाला गया है जिनमें दो बच्चे शामिल हैं.

मुंबई के डोंगरी इलाके में बड़ी संख्या में जर्जर इमारतें हैं. बीते हफ्ते हुई भारी बारिश के दौरान शहर का यह इलाका पानी में डूब गया था. माना जा रहा है कि हादसे का कारण इसके चलते करीब 100 साल पुरानी इस इमारत की बुनियाद का कमजोर होना हो सकता है. इमारतों के ढहने के चलते हुए हादसों के लिए जो मानक बने हुए हैं उनमें ये स्तर-2 का हादसा है. स्तर-1 का हादसा सबसे भीषण होता है.

इस इमारत का मालिकाना हक महाराष्ट्र आवास एवं विकास प्राधिकरण (महाडा) के पास है. संस्था का कहना है कि उसने यह इमारत पुनर्विकास के लिए एक प्राइवेट बिल्डर को दी थी और वह जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करेगी. संस्था के अध्यक्ष उदय सामंत का कहना है, ‘यदि महाडा के अधिकारी इसे लिए जिम्मेदार हैं तो उनके खिलाफ भी कड़ी कर्रवाई होगी.’

इससे पहले बीते रविवार को हिमाचल प्रदेश के सोलन में भी एक चार मंजिला इमारत ढह गई थी. उस हादसे में 13 सैन्यकर्मियों सहित 14 लोगों की मौत हो गई थी.