देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली महाराष्ट्र सरकार ने योग गुरु बाबा रामदेव को लातूर जिले में सोयाबीन की एक प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए 400 एकड़ जमीन की पेशकश की है. महाराष्ट्र सरकार का यह भी कहना है कि उन्हें यह जमीन बाजार भाव से 50 फीसदी कम कीमत पर दी जाएगी. साथ ही अगर वे जमीन खरीदते हैं तो सरकार इसकी स्टांप ड्यूटी भी माफ कर देगी और वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) में भी उन्हें लाभ दिया जाएगा. इसके अलावा प्रोसेसिंग यूनिट चलाने के लिए बिजली में भी उन्हें प्रति यूनिट एक रुपये की छूट देने का प्रस्ताव दिया गया है.

बैंगलोर मिरर की एक खबर के मुताबिक बाबा रामदेव को जिस जमीन की पेशकश की गई है वह लातूर जिले के औसा तालुके में पड़ती है. इसे साल 2013 में भारत हैवी इलेक्टिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) की एक फैक्ट्री लगाने के लिए अधिग्रहीत किया गया था. तब सरकार ने जमीन मालिकों को बीएचईएल की फैक्ट्री में नौकरी दिए जाने का वादा भी किया गया था. लेकिन अब जबकि सरकार यह जमीन बाबा रामदेव को देने की पेशकश कर रही है तो स्थानीय लोगों ने उनकी यूनिट में नौकरियां पाने को लेकर संदेह जाहिर किया है.

श्रीमंत लांगड़े यहां के स्थानीय रहवासी हैं. बैंगलोर मिरर से बात करते हुए वे कहते हैं, ‘2013 में जमीन अधिग्रहण के बदले लोगों को 3.5 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से भुगतान किया गया था. लेकिन इस जमीन के पास ही एक हाईवे प्रस्तावित है जिससे यहां की जमीन का भाव 45 लाख प्रति एकड़ पर पहुंच गया है.’ लांगड़े आगे कहते हैं, ‘हम लोगों से मामूली दर पर जमीन ली गई. अब पता चल रहा है कि यहां बीएचईएल के बजाय बाबा रामदेव की यूनिट लगेगी. इससे लोगों की नौकरियां मिलने की उम्मीद टूट रही है.’

इधर, इस पूरे मामले पर फिलहाल देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया नहीं आई है. हालांकि उनके कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि जिस मकसद के लिए जमीन का अधिग्रहण हुआ था वह पूरा नहीं हो सका. ऐसे में इसे नए सिरे से आवंटित करने का प्रयास किया जा रहा है. वहीं कांग्रेस की महिला इकाई की पूर्व उपाध्यक्ष विद्या पाटिल का कहना है कि अगर सरकार यहां बीएचईएल की यूनिट नहीं लगवा सकती तो उसे यह जमीन उसके मालिकों को लौटा देनी चाहिए.

वैसे करीब तीन साल पहले नागपुर में पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क बनाने के लिए बाबा रामदेव को 230 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी. वह जमीन भी उन्हें बाजार भाव से काफी कम दाम पर मिली थी लेकिन बाबा रामदेव अब तक वहां संबंधित यूनिट शुरू नहीं करा सके हैं.