दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि विश्व कप फाइनल जैसी स्थिति आने पर ‘चौकों’ की संख्या के बजाय एक और सुपर ओवर से मैच के विजेता का फैसला किया जाना चाहिए.

बीते रविवार को लॉर्ड्स के मैदान पर खेले गये क्रिकेट विश्व कप के फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को अधिक चौके लगाने के कारण मैच का विजेता घोषित किया गया था. न्यूजीलैंड के खिलाफ यह मैच और सुपर ओवर दोनों ही टाई हुए थे.

सचिन तेंदुलकर ने अपनी आधिकारिक एप 100एमबी से कहा, ‘मुझे लगता है कि दोनों टीमों की बाउंड्री पर विचार करने के बजाय एक अन्य सुपर ओवर से विजेता का फैसला होना चाहिए था. केवल विश्व कप फाइनल ही नहीं, प्रत्येक मैच महत्वपूर्ण है. जिस तरह से फुटबॉल में जब टीमें अतिरिक्त समय में जाती है तो पूर्व का खेल कुछ मायने नहीं रखता.’

सचिन तेंदुलकर से जब पूछा गया कि नॉकआउट यानी लीग चरण में विश्व कप के प्रारूप में बदलाव की जरूरत है, तो उनका कहना था, ‘जो दो टीमें चोटी पर रहती हैं उनके लिये निश्चित तौर पर निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने के लिये कुछ होना चाहिए.’

उन्होंने इसके साथ ही कहा कि सेमीफाइनल में पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को नंबर सात के बजाय नंबर पांच पर भेजा जाना चाहिए था. भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का कहना था, ‘निसंदेह, मैं धोनी को नंबर पांच पर भेजता. भारत तब जिस स्थिति में था उस समय महेंद्र सिंह धोनी पारी को संवार सकते थे. इसके बाद हार्दिक छठे और कार्तिक सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिये आ सकते थे.’